रशियन शराब के दीवाने हुए भारतीय, टन के हिसाब से गटक रहे व्हिस्की, वोदका और जिन, देखें रिपोर्ट

दुनिया के कई देशों से आयात होने वाली स्पिरिट भारतीय उपभोक्ताओं के बीच लोकप्रिय रही है, लेकिन हाल के महीनों में एक नया ट्रेंड उभरकर सामने आया है. ताजा आंकड़ों के मुताबिक, भारतीय बाजार में रूसी शराब की खपत में तेज उछाल देखा गया है.

Indians crazy about Russian liquor Whiskey Vodka and Gin
प्रतिकात्मक तस्वीर/ FreePik

भारत में विदेशी शराब की मांग लगातार बढ़ती जा रही है. दुनिया के कई देशों से आयात होने वाली स्पिरिट भारतीय उपभोक्ताओं के बीच लोकप्रिय रही है, लेकिन हाल के महीनों में एक नया ट्रेंड उभरकर सामने आया है. ताजा आंकड़ों के मुताबिक, भारतीय बाजार में रूसी शराब की खपत में तेज उछाल देखा गया है.

साल 2025 के शुरुआती 10 महीनों में भारत ने रूस से बड़ी मात्रा में व्हिस्की, जिन, वोदका और अन्य स्पिरिट उत्पाद आयात किए हैं. यह आयात न केवल मात्रा के लिहाज से बढ़ा है, बल्कि इसके मूल्य में भी कई गुना इजाफा हुआ है.

रूसी मीडिया रिपोर्ट में हुआ खुलासा

रूसी मीडिया में प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, इस साल के पहले 10 महीनों में भारत को होने वाला रूसी स्पिरिट का निर्यात पिछले साल की समान अवधि की तुलना में लगभग चार गुना बढ़ गया है. इस तेजी के चलते भारत रूसी शराब उत्पादकों के लिए एक उभरते हुए और आकर्षक बाजार के रूप में देखा जा रहा है.

रूसी कृषि मंत्रालय के अंतर्गत काम करने वाले संघीय कृषि निर्यात विकास केंद्र (Agroexport) के आंकड़ों का हवाला देते हुए रूस के प्रमुख वित्तीय और व्यापारिक अखबार वेदोमोस्ती ने बताया कि भारत अब वोदका और अन्य हार्ड ड्रिंक्स के रूसी निर्यातकों के लिए खास महत्व रखने लगा है.

10 महीनों में 520 टन से ज्यादा का निर्यात

रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी से अक्टूबर 2025 के बीच रूसी स्पिरिट निर्माताओं ने भारत को करीब 520 टन शराब का निर्यात किया. इसमें वोदका, जिन, व्हिस्की और लिकर जैसे उत्पाद शामिल हैं. इस निर्यात का कुल मूल्य लगभग 9 लाख अमेरिकी डॉलर आंका गया है.

तुलना करें तो यह आंकड़ा:

  • वजन के हिसाब से पिछले साल से करीब तीन गुना ज्यादा
  • जबकि मूल्य (रेवेन्यू) के लिहाज से लगभग चार गुना अधिक है

Agroexport का कहना है कि इस बढ़ोतरी का सबसे बड़ा कारण वोदका की बढ़ती मांग रही है.

वोदका बनी निर्यात की सबसे बड़ी वजह

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि कुल निर्यात में वोदका की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा रही. केवल इन 10 महीनों में भारत को भेजी गई रूसी वोदका का मूल्य करीब 7.6 लाख अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया. यानी कुल स्पिरिट निर्यात का बड़ा हिस्सा अकेले वोदका से आया.

विशेषज्ञों के मुताबिक, भारतीय बाजार में अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स की मौजूदगी और नए प्रोडक्ट्स के प्रति बढ़ती रुचि ने इस मांग को और मजबूत किया है.

रूस के लिए भारत अभी भी छोटा बाजार

हालांकि, कुल आयात के आंकड़ों को देखें तो रूस से शराब मंगाने वाले देशों की सूची में भारत की स्थिति अभी भी 14वें स्थान पर है. जनवरी से अक्टूबर के बीच:

  • टन के हिसाब से भारत की हिस्सेदारी करीब 1.3 फीसदी
  • जबकि रेवेन्यू के लिहाज से 1.4 से 1.5 फीसदी रही

इसके बावजूद, जिस रफ्तार से भारत में रूसी शराब का आयात बढ़ा है, वह अन्य देशों की तुलना में सबसे तेज मानी जा रही है.

रूस के अन्य प्रमुख शराब आयातक देश

भारत के अलावा, रूसी शराब के बड़े आयातकों में शामिल हैं:

  • कजाकिस्तान
  • जॉर्जिया
  • चीन
  • अजरबैजान
  • आर्मेनिया
  • बेलारूस

इन देशों की तुलना में भारत का कुल हिस्सा भले ही कम हो, लेकिन वृद्धि दर के मामले में भारत सबसे आगे रहा है.

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