चंडीगढ़: पंजाब सरकार ने मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लेकर राज्य के विकास और सुशासन की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में शहरी नियोजन से लेकर खेल, स्वास्थ्य और उद्योगों तक हर क्षेत्र को छूते हुए कई नीतिगत बदलावों को मंजूरी दी गई. सीएम मान ने कहा कि यह फैसले आम लोगों को राहत देंगे, भ्रष्टाचार पर रोक लगाएंगे और पंजाब को विकास के नए रास्ते पर आगे बढ़ाएँगे.
अब ऊंची इमारतें और आसान मंजूरी
कैबिनेट ने एकीकृत भवन नियमों (Unified Building Rules) को हरी झंडी दे दी है. इससे मकानों और व्यावसायिक इमारतों की मंजूरी में आ रही पुरानी परेशानियां खत्म होंगी. अब इमारतों की ऊंचाई सीमा 15 मीटर से बढ़ाकर 21 मीटर कर दी गई है. साथ ही सेल्फ-सर्टिफिकेशन की सुविधा मिलेगी, यानी मकान मालिक खुद ऑनलाइन नक्शा पास कर सकेंगे. इससे न केवल प्रक्रिया तेज़ होगी बल्कि देरी और रिश्वतखोरी जैसी समस्याओं पर भी अंकुश लगेगा. ग्राउंड कवरेज की सीमा अब 100 मीटर तक बढ़ा दी गई है और पार्किंग सहित कई अन्य नियमों में भी ढील दी गई है. सीएम मान के अनुसार, “यह बदलाव आम नागरिकों के लिए राहत और पारदर्शिता दोनों लाएगा.”
गरीबों के लिए सस्ते घर, बरनाला को नया दर्जा
बैठक में गरीब और जरूरतमंद परिवारों को किफायती किराए पर मकान देने की योजना को मंजूरी दी गई. सरकार का लक्ष्य है कि हर नागरिक को छत मिल सके. इसी के साथ बरनाला नगर परिषद को नगर निगम का दर्जा देने का निर्णय भी लिया गया. मुख्यमंत्री ने बताया कि बरनाला की तेजी से बढ़ती आबादी, औद्योगिक विकास और जीएसटी में महत्वपूर्ण योगदान को देखते हुए यह फैसला लिया गया है. इससे बरनाला के स्थानीय प्रशासन को और मज़बूती मिलेगी.
लुधियाना में नई सब-तहसील और प्रशासनिक सुधार
सरकार ने लुधियाना नॉर्थ क्षेत्र में नई सब-तहसील के गठन को मंजूरी दी है. इसमें चार पटवार सर्कल और आठ गांव शामिल होंगे. यहां एक नायब तहसीलदार की नियुक्ति की जाएगी ताकि लोगों को प्रशासनिक कामों के लिए दूर न जाना पड़े.
खेल और स्वास्थ्य क्षेत्र में नई पहल
पंजाब सरकार ने खेल विभाग में सुधार लाने के लिए ग्रुप 14A और 80C के तहत 100 नई पोस्टें सृजित करने का फैसला लिया है. इनमें डॉक्टर और अन्य तकनीकी स्टाफ शामिल होंगे जिन्हें तीन साल के कॉन्ट्रैक्ट पर रखा जाएगा. पटियाला, फरीदकोट, जालंधर, अमृतसर और होशियारपुर जैसे प्रमुख खेल केंद्रों को इससे सीधा लाभ मिलेगा. इसके अलावा, डेराबस्सी में 100 बेड वाले ईएसआई अस्पताल की स्थापना को भी मंजूरी दी गई है. अस्पताल का निर्माण केंद्र सरकार करेगी, जबकि राज्य सरकार चार एकड़ जमीन उपलब्ध कराएगी. यह फैसला औद्योगिक इलाकों में काम करने वाले मजदूरों के लिए बड़ी राहत साबित होगा.
नशा मुक्ति केंद्रों पर सख्ती
कैबिनेट ने निजी नशा मुक्ति केंद्रों के लिए नए नियम लागू करने का निर्णय लिया है. अब एक केंद्र में अधिकतम 5 मरीज ही रखे जा सकेंगे. साथ ही, बायोमेट्रिक उपस्थिति को अनिवार्य किया गया है और दवाओं की क्वालिटी जांच सख्ती से की जाएगी. खरड़ लैब से निगरानी की जाएगी ताकि इलाज की पारदर्शिता बनी रहे. राज्य के 140 रिहैब केंद्रों को मज़बूत किया जाएगा और ओपीडी क्लीनिक जोड़े जाएंगे ताकि अत्याचार और शिकायतों पर रोक लगाई जा सके.
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