मानसिक रूप से बीमार हैं राष्ट्रपति ट्रंप! मनोवैज्ञानिकों ने इन खतरनाक लक्षणों को लेकर दी चेतावनी

Donald Trump Health: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर सुर्खियों में हैं, इस बार उनकी राजनीतिक रणनीतियों के लिए नहीं, बल्कि उनकी मानसिक और शारीरिक स्थिति को लेकर. 79 वर्षीय ट्रंप को लेकर अब विशेषज्ञ खुलकर चिंता जता रहे हैं.

President Trump is mentally ill Psychologists warned about these dangerous symptoms
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Donald Trump Health: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर सुर्खियों में हैं, इस बार उनकी राजनीतिक रणनीतियों के लिए नहीं, बल्कि उनकी मानसिक और शारीरिक स्थिति को लेकर. 79 वर्षीय ट्रंप को लेकर अब विशेषज्ञ खुलकर चिंता जता रहे हैं. जाने-माने मनोवैज्ञानिक डॉ. हैरी सेगल और डॉ. जॉन गार्टनर ने अपने कार्यक्रम 'थिंकिंग ट्रंप' में दावा किया है कि ट्रंप में डिमेंशिया, विशेष रूप से फ्रंटोटेम्पोरल डिमेंशिया (FTD) के लक्षण तेजी से बढ़ते नजर आ रहे हैं.

डॉ. गार्टनर का कहना है कि ट्रंप के शारीरिक संतुलन में गिरावट साफ देखी जा सकती है. उन्होंने कहा कि ट्रंप की चाल अब वाइड-बेस्ड गेट जैसी लगती है, जो FTD का प्रमुख संकेत है. हाल ही में अलास्का में व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात के दौरान ट्रंप के वीडियो ने इस चर्चा को और हवा दी, जिसमें वे लाल कालीन पर असंतुलित कदमों से चलते नजर आए. डॉ. सेगल ने भी इस विश्लेषण पर सहमति जताई और कहा, "वे नशे में नहीं थे, फिर भी अपने पैरों पर नियंत्रण नहीं रख पा रहे थे. यह सामान्य नहीं है."

क्या है फ्रंटोटेम्पोरल डिमेंशिया (FTD)?

FTD, डिमेंशिया का एक दुर्लभ लेकिन गंभीर प्रकार है, जो मस्तिष्क के फ्रंटल और टेम्पोरल हिस्सों को प्रभावित करता है. इस बीमारी में व्यक्ति का व्यवहार, सोचने की क्षमता, भाषा और सामाजिक समझ धीरे-धीरे बिगड़ने लगती है. यह बीमारी आमतौर पर धीरे-धीरे उभरती है, लेकिन समय के साथ गंभीर रूप ले लेती है.

FTD के सामान्य लक्षणों में  सामाजिक व्यवहार में बदलाव, निर्णय लेने की क्षमता में गिरावट, चाल-ढाल में असामान्यता, भाषा में गड़बड़ी शामिल हैं. साथ ही ट्रंप के हालिया व्यवहार और हावभाव इनमें से कई संकेतों से मेल खाते हैं.

ट्रंप की प्रतिक्रिया और संज्ञानात्मक टेस्ट का दावा

डोनाल्ड ट्रंप खुद अपने स्वास्थ्य को लेकर बेहद आश्वस्त नजर आते हैं. अप्रैल में हुई मेडिकल जांच के बाद उन्होंने दावा किया था कि उन्होंने संज्ञानात्मक परीक्षण में “सर्वोत्तम अंक” हासिल किए हैं. लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि ये टेस्ट इतने सामान्य होते हैं कि कोई भी स्वस्थ व्यक्ति उन्हें आसानी से पास कर सकता है. डॉ. गार्टनर ने स्पष्ट रूप से कहा, “यह कोई उपलब्धि नहीं है. असली परीक्षा उनके रोजमर्रा के व्यवहार में है, जो साफ इशारा कर रहा है कि कुछ गड़बड़ जरूर है.”

राजनीति के मोर्चे पर क्या असर पड़ेगा?

ट्रंप रिपब्लिकन पार्टी के भीतर 2024 के चुनावों के लिए फिर से मैदान में हैं. ऐसे में उनकी सेहत को लेकर उठे सवाल केवल मेडिकल चिंता नहीं, बल्कि राजनीतिक बहस का मुद्दा भी बनते जा रहे हैं. विशेषज्ञों के दावों ने जहां मीडिया में हलचल मचा दी है, वहीं उनके समर्थक अभी भी इन बातों को सिरे से खारिज कर रहे हैं.

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