Petrol-Diesel: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने की अपील के बाद दिल्ली-एनसीआर समेत कई इलाकों में पेट्रोल पंपों पर अचानक भीड़ बढ़ती नजर आई. लोगों के बीच यह चर्चा तेज हो गई कि आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है. इसी आशंका के चलते बड़ी संख्या में लोग अपनी कार और बाइक की टंकियां फुल कराने पेट्रोल पंपों पर पहुंच गए.
गाजियाबाद के लाल कुआं इलाके स्थित एक पेट्रोल पंप पर अचानक वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं. कई लोग जल्दबाजी में पेट्रोल और डीजल भरवाते दिखाई दिए. हालांकि पंप कर्मचारियों ने लोगों को भरोसा दिलाया कि ईंधन की कोई कमी नहीं है और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है. कर्मचारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और घबराने की जरूरत नहीं होने की बात कही.
दाम बढ़ने की आशंका से बढ़ी बेचैनी
पेट्रोल पंप पर पहुंचे कई लोगों का कहना था कि प्रधानमंत्री की अपील के बाद उन्हें लगा कि आने वाले समय में ईंधन महंगा हो सकता है. कुछ लोगों ने कहा कि यदि सरकार पेट्रोल-डीजल का इस्तेमाल कम करने की सलाह दे रही है, तो इसका मतलब यह हो सकता है कि वैश्विक परिस्थितियों के कारण तेल की कीमतों पर दबाव बढ़ रहा है.
लोगों का यह भी कहना था कि भविष्य में किसी भी आपात स्थिति से बचने के लिए अभी वाहन में पर्याप्त ईंधन रखना जरूरी है. इसी वजह से वे पेट्रोल पंपों पर पहुंचे.
सोशल मीडिया और अफवाहों का असर
बीते कुछ दिनों से सोशल मीडिया और विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में संभावित बढ़ोतरी को लेकर चर्चाएं चल रही थीं. प्रधानमंत्री की अपील के बाद इन चर्चाओं को और बल मिला, जिससे कई लोग पैनिक मोड में आ गए.
हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी अपुष्ट खबर या अफवाह के आधार पर घबराहट में फैसले लेना सही नहीं है. पेट्रोल पंप संचालकों ने भी स्पष्ट किया कि सप्लाई सामान्य है और ईंधन की कोई कमी नहीं है.
पीएम मोदी ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक कार्यक्रम के दौरान लोगों से पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने की अपील की थी. उन्होंने कहा कि देश को विदेशी मुद्रा खर्च कम करने की दिशा में काम करना होगा और इसके लिए ईंधन की बचत बेहद जरूरी है.
पीएम मोदी ने लोगों को कारपूलिंग अपनाने और ज्यादा से ज्यादा मेट्रो एवं सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने की सलाह दी. उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें काफी बढ़ चुकी हैं, जिसका असर अर्थव्यवस्था पर पड़ता है.
इसके अलावा प्रधानमंत्री ने लोगों से कुछ समय तक गैर-जरूरी खर्चों में कटौती करने की भी अपील की. उन्होंने खाने के तेल की खपत कम करने, सोने के आभूषणों की खरीदारी सीमित रखने और विदेश यात्राओं से बचने जैसे सुझाव भी दिए.
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