PM Modi On Gen-Z: नई दिल्ली में आयोजित विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग-2026 का समापन सत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में संपन्न हुआ. यह आयोजन भारत के युवा नेतृत्व, नवाचारकर्ताओं और नीति-निर्माताओं को एक साझा मंच पर लाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था. प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर युवाओं से संवाद किया, उनकी प्रस्तुतियों का अवलोकन किया और उन्हें राष्ट्रीय विकास में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया.
समापन सत्र के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने विशेष रूप से आयोजित युवा प्रदर्शनी का दौरा किया. इस प्रदर्शनी में युवा प्रतिभागियों ने अपने तकनीकी नवाचार, आविष्कार और नीति-आधारित परियोजनाओं को प्रदर्शित किया. पीएम मोदी ने प्रतिभागियों से सीधे बातचीत की, उनके आइडियाज़ को जाना और उन्हें उनके प्रयासों के लिए प्रोत्साहित किया. यह प्रदर्शनी केवल नवाचारों को प्रदर्शित करने का माध्यम नहीं थी, बल्कि यह युवा नेतृत्व और सोच को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता देने का भी अवसर था.
With innovative ideas, energy and purpose, Yuva Shakti is at the forefront of nation-building. Addressing the concluding session of Viksit Bharat Young Leaders Dialogue.#YoungLeadersDialogue2026
— Narendra Modi (@narendramodi) January 12, 2026
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निबंध संकलन का विमोचन: युवा दृष्टिकोण को मंच
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण आकर्षण था निबंध संकलन का विमोचन, जिसे प्रधानमंत्री मोदी ने जारी किया. इस संकलन में युवा प्रतिभागियों द्वारा लिखे गए चयनित निबंध शामिल थे, जो भारत के विकासात्मक प्राथमिकताओं, नवाचार-आधारित नीतियों, सामाजिक समानता, आर्थिक प्रगति और दीर्घकालिक राष्ट्रनिर्माण के लक्ष्यों पर केंद्रित थे. प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर कहा कि युवाओं की सोच और नई ऊर्जा भारत के भविष्य को दिशा देगी.
चयन प्रक्रिया: पारदर्शिता और योग्यता
प्रतियोगिता में भाग लेने वाले युवा नेताओं का चयन तीन-चरणीय पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से किया गया. इसमें शामिल थे, राष्ट्रव्यापी डिजिटल क्विज़, जिसमें प्रतिभागियों के सामान्य ज्ञान, नीति समझ और नागरिक जागरूकता का परीक्षण हुआ. निबंध प्रतियोगिता, जहां युवाओं ने विकसित भारत के लिए अपने विचारों को लिखित रूप में प्रस्तुत किया. राज्य स्तरीय विज़न प्रस्तुतियां, जिसमें चयनित प्रतिभागियों को अपने क्षेत्रीय और राष्ट्रीय विचारों को नेतृत्व के सामने पेश करने का अवसर मिला.
प्रधानमंत्री ने इस प्रक्रिया की सराहना करते हुए कहा कि यह न केवल युवाओं को नेतृत्व कौशल विकसित करने में मदद करेगी, बल्कि भविष्य के नीति-निर्माताओं की पहचान और प्रशिक्षण में भी योगदान करेगी.
पीएम मोदी का युवा वर्ग पर भरोसा
समारोह के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, "जब मैंने पहली बार मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली थी, तो कई युवा अभी पैदा भी नहीं हुए थे. 2014 में प्रधानमंत्री बनने के समय भी अधिकांश युवा बच्चे ही थे. लेकिन मैंने हमेशा युवा पीढ़ी पर भरोसा किया. आपकी काबिलियत, टैलेंट और ऊर्जा मुझे भी नई ऊर्जा देती है." उन्होंने युवाओं को यह संदेश भी दिया कि 2047 तक के भारत के विकास का सफर उनकी पीढ़ी के हाथ में है, और उनकी सफलता सीधे तौर पर भारत की सफलता से जुड़ी है.
लाखों युवाओं की भागीदारी
विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग का यह दूसरा संस्करण था, जिसमें देशभर से 5 लाख से अधिक युवाओं ने भाग लिया. इस पहल की प्रेरणा प्रधानमंत्री के स्वतंत्रता दिवस के आह्वान से मिली थी, जिसमें उन्होंने युवाओं को बिना किसी राजनीतिक संबद्धता के राजनीति और नीति निर्माण में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया था. इस कार्यक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया कि भारत का युवा वर्ग न केवल नीति और नेतृत्व में रुचि रखता है, बल्कि वह देश के भविष्य के लिए सक्रिय योगदान देना चाहता है.
युवा नेतृत्व और भारत का भविष्य
डायलॉग ने साबित किया कि युवा केवल विचारक नहीं हैं, बल्कि वे देश के विकास की दिशा बदलने वाले निर्णयकर्ता भी हैं. निबंध, डिजिटल क्विज़ और विज़न प्रस्तुतियों के माध्यम से युवाओं ने यह प्रदर्शित किया कि उनकी सोच सिर्फ आलोचना नहीं बल्कि समाधान और नवाचार पर केंद्रित है. प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि यह युवा ऊर्जा भारत के 2047 के लक्ष्यों को हासिल करने में केंद्रीय भूमिका निभाएगी.
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