एलन मस्क की स्टारलिंक और होगी ताकतवर! सरकार ने इस काम को लेकर दी मंजूरी, कनेक्टिविटी पर पडे़गा असर

    Starlink Satellite: अमेरिकी टेक अरबपति एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक ने दुनियाभर में इंटरनेट कनेक्टिविटी के लिहाज से नया कीर्तिमान स्थापित किया है. अब कंपनी भारत में अपनी सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस को लॉन्च करने की तैयारी में है.

    Tech Elon Musk Starlink America approves superfast connectivity with 7500 new satellites
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    Starlink Satellite: अमेरिकी टेक अरबपति एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक ने दुनियाभर में इंटरनेट कनेक्टिविटी के लिहाज से नया कीर्तिमान स्थापित किया है. अब कंपनी भारत में अपनी सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस को लॉन्च करने की तैयारी में है. हाल ही में अमेरिकी फेडरल कम्यूनिकेशन कमीशन (FCC) ने स्टारलिंक को बड़ी मंजूरी दी है, जिससे कंपनी अपने नेटवर्क में मौजूद सैटेलाइट की संख्या दोगुनी कर सकती है.

    इस मंजूरी के अनुसार, स्टारलिंक अब अपने सेकंड जनरेशन सैटेलाइट्स में 7,500 नए सैटेलाइट जोड़ सकती है. इसके बाद कंपनी के नेटवर्क में कुल सैटेलाइट की संख्या 15,000 तक पहुंच जाएगी. FCC के प्रमुख ब्रेंडन कार ने इस फैसले को नेक्स्ट जनरेशन सर्विसेस के लिए गेम चेंजर बताया.

    स्टारलिंक को मिली नई तकनीकी स्वतंत्रता

    इस मंजूरी के साथ स्टारलिंक को नई तकनीकी स्वतंत्रताएँ भी मिली हैं. अब कंपनी पांच नए फ्रीक्वेंसी बैंड्स और वेव्स पर ऑपरेट कर सकती है, जिन पर पहले पाबंदी लगी हुई थी. इसका मतलब यह है कि स्टारलिंक अब ज्यादा तेजी, बेहतर कनेक्टिविटी और विश्वसनीय इंटरनेट सेवा प्रदान कर सकेगी.

    कंपनी को कुल 30,000 सैटेलाइट लॉन्च करने हैं, जिनमें से आधे यानी 15,000 सैटेलाइट के लिए उसे अब FCC की मंजूरी मिल चुकी है. शर्तों के अनुसार, सेकंड जनरेशन सैटेलाइट्स में से आधे दिसंबर, 2028 तक ऑपरेशनल होने चाहिए और बाकी सैटेलाइट्स के लिए कंपनी को दिसंबर, 2031 तक का समय दिया गया है.

    भारत में स्टारलिंक: इंटरनेट क्रांति की तैयारी

    भारत में स्टारलिंक को पहले ही प्रोविजनल लाइसेंस मिल चुका है और कंपनी यहां ट्रायल रन कर रही है. नई मंजूरी मिलने के बाद भारत में इसके नेटवर्क की क्षमता में भी जबरदस्त वृद्धि होगी. इसका सीधा फायदा उन दूरदराज के इलाकों को मिलेगा, जहां अभी इंटरनेट कनेक्टिविटी सीमित या धीमी है.

    विशेषज्ञों के अनुसार, स्टारलिंक की सैटेलाइट सर्विस के भारत में आने से ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में डिजिटल डिवाइड कम होगी. साथ ही, इंटरनेट की गति और उपलब्धता में सुधार से शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यवसाय जैसे क्षेत्रों में भी मदद मिलेगी.

    ग्लोबल कनेक्टिविटी का विस्तार

    स्टारलिंक की नई सैटेलाइट्स सिर्फ भारत के लिए ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के उन देशों में उपयोगी होंगी, जहां कंपनी पहले से अपनी सर्विस चला रही है. बेहतर कनेक्टिविटी का मतलब है कि रिमोट लोकेशंस, समुद्री क्षेत्रों और पर्वतीय इलाकों में भी तेज और भरोसेमंद इंटरनेट उपलब्ध हो सकेगा.

    कंपनी की सीनियर टीम ने भारत सरकार के साथ भी बातचीत शुरू कर दी है और माना जा रहा है कि अगले कुछ महीनों में भारत में स्टारलिंक की पूर्ण सैटेलाइट सर्विस लॉन्च कर दी जाएगी.

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