Pakistani Drone In LOC: जम्मू-कश्मीर के एलओसी और इंटरनेशनल बॉर्डर (आईबी) पर पाकिस्तान की तरफ से संदिग्ध गतिविधियों ने भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को एक बार फिर अलर्ट मोड में डाल दिया है. हाल ही में कई स्थानों पर ड्रोन मंडराते हुए देखे गए, जिन्हें देखकर सेना के जवानों ने तुरंत प्रतिक्रिया दी. ड्रोन को निशाना बनाने के लिए फायरिंग की गई और पूरे इलाके में व्यापक स्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया.
यह घटना ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पहली बार सामने आई गंभीर घुसपैठ की कोशिशों में शामिल मानी जा रही है. सुरक्षा बलों ने एलओसी और अंतरराष्ट्रीय सीमा के आस-पास चौकसी बढ़ा दी है और इलाके की हर गतिविधि पर पैनी निगाह रखी जा रही है.
Security forces in Jammu and Kashmir were put on high alert on Sunday evening after multiple suspected Pakistani drones were detected along the International Border (IB) and the Line of Control (LoC) in Samba, Rajouri and Poonch districts.
— idrw (@idrwalerts) January 11, 2026
Officials said at least five drone… pic.twitter.com/liAqpP7Vo7
राजौरी में बढ़ी सुरक्षा सतर्कता
राजौरी के नौशेरा सेक्टर में हालात तब तनावपूर्ण हो गए, जब गनिया-कलसियां गांव के ऊपर ड्रोन देखा गया. वहां तैनात जवानों ने बिना देर किए मीडियम और लाइट मशीन गन से फायरिंग की. गोलियों की आवाज़ से ड्रोन की गतिविधियां बाधित हुईं और सुरक्षा बलों ने तुरंत जमीन पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया.
सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके को छानबीन कर यह सुनिश्चित किया कि कहीं ड्रोन से कोई संदिग्ध वस्तु या हथियार गिराया गया हो या किसी तरह की घुसपैठ की कोशिश की जा रही हो.
A few Pakistan Army drones were sighted along the line of control in the Naushera-Rajouri sector of Jammu and Kashmir. The Indian Army troops undertook counter-unmanned aerial systems measures, forcing them to return: Defence Sources pic.twitter.com/yxsrOygfCD
— ANI (@ANI) January 11, 2026
सांबा और पुंछ में भी बढ़ी हलचल
राजौरी की घटनाओं तक ही सीमित नहीं रही. एलओसी और अंतरराष्ट्रीय सीमा के आसपास कई जगहों पर संदिग्ध ड्रोन गतिविधियां देखी गईं.
सुरक्षा एजेंसियां इन घटनाओं का विश्लेषण कर रही हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या ड्रोन से कोई हथियार या संवेदनशील सामग्री गिराई जा रही थी.
पुरानी घटनाओं का मिलान और पैटर्न की जांच
पाकिस्तान अक्सर ड्रोन के जरिए हथियार, गोलियां और कभी-कभी ड्रग्स भेजने की कोशिश करता रहा है. हाल ही में सांबा के घगवाल इलाके में सुरक्षा बलों ने एक बड़ी साजिश नाकाम की थी. पालोरा गांव के पास एक ड्रोन से दो पिस्तौल, एक ग्रेनेड, तीन मैगजीन और 16 राउंड गोलियां बरामद की गई थीं.
इन घटनाओं को मिलाकर देखा जाए तो यह स्पष्ट होता है कि पाकिस्तान ड्रोन के माध्यम से घुसपैठ और आतंकवादी गतिविधियों की लगातार कोशिश कर रहा है. इसी वजह से भारतीय सीमा सुरक्षा बलों ने निगरानी और चौकसी पहले से कहीं अधिक कड़ी कर दी है.
सीमा पर अलर्ट और आगे की रणनीति
सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह मुस्तैद हैं. सैनिकों को सीमा चौकियों पर सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं और सभी गतिविधियों की मॉनिटरिंग तेज कर दी गई है. सेना और अर्धसैनिक बल इलाके के हर हिस्से को छान-बीन कर रहे हैं ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते नष्ट किया जा सके.
विशेषज्ञों का कहना है कि एलओसी और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर ऐसी हरकतें केवल घुसपैठ तक सीमित नहीं रहतीं. यह मानसिक दबाव बनाना, हथियार पहुँचाना और आतंकवादी नेटवर्क सक्रिय करने का एक प्रयास हो सकता है. इसलिए सुरक्षा एजेंसियां एलओसी के आसपास पूरी सतर्कता बरत रही हैं.
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