Indian Railway Ticket Booking Change: भारतीय रेलवे ने ऑनलाइन टिकट बुकिंग को लेकर एक अहम फैसला लिया है, जिसका सीधा फायदा आम यात्रियों को मिलने वाला है. ई-टिकटिंग प्रक्रिया में लंबे समय से चली आ रही अफरातफरी, सर्वर स्लो होने और दलालों की दखलअंदाजी को कम करने के लिए रेलवे ने बुकिंग समय में बड़ा बदलाव किया है. 12 जनवरी से लागू यह नया नियम रेल यात्रियों के लिए टिकट पाना थोड़ा आसान और ज्यादा निष्पक्ष बनाने की कोशिश है.
अब आधार से सत्यापित IRCTC अकाउंट रखने वाले यात्रियों को एडवांस रिजर्वेशन पीरियड (ARP) के पहले ही दिन टिकट बुक करने के लिए ज्यादा समय मिलेगा. नई व्यवस्था के तहत ऐसे यात्री अब रात 11:59 बजे तक सामान्य आरक्षित टिकट बुक कर सकेंगे. पहले यह सुविधा कुछ तय घंटों तक ही सीमित थी, जिससे शुरुआती समय में वेबसाइट पर भारी लोड और तकनीकी समस्याएं पैदा हो जाती थीं.
पहले और अब के नियमों में क्या अंतर
पुराने नियमों के तहत आधार-वेरिफाइड यूजर्स ARP के दिन केवल सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक ही टिकट बुक कर सकते थे. लेकिन अब यह समयसीमा बढ़ाकर पूरे दिन कर दी गई है. रेलवे का कहना है कि पहले दिन की ऑनलाइन बुकिंग केवल आधार-प्रमाणित यूजर्स तक सीमित रखने से कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी और फर्जी बुकिंग पर रोक लगेगी.
ऑफलाइन टिकट पर कोई बदलाव नहीं
रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह संशोधन सिर्फ ऑनलाइन ई-टिकटिंग सिस्टम पर लागू होगा. कंप्यूटरीकृत पीआरएस काउंटरों से टिकट लेने वाले यात्रियों के लिए प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं किया गया है. यानी जो यात्री काउंटर से टिकट लेते हैं, उनके लिए नियम पहले जैसे ही रहेंगे.
सोच-समझकर लागू किया गया फैसला
रेलवे ने बुकिंग समय को एकदम से नहीं बढ़ाया, बल्कि इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया. पहले 15 मिनट का स्लॉट, फिर सुबह 8 से 10 बजे, उसके बाद 8 से 12 और फिर 8 से शाम 4 बजे तक का समय दिया गया. अब इसे आधी रात तक बढ़ाया गया है. इससे साफ है कि रेलवे यूजर पैटर्न और डेटा के आधार पर फैसले ले रहा है.
दलालों पर सख्ती, असली यात्रियों को प्राथमिकता
इस बदलाव का मकसद साफ है—टिकट असली यात्रियों तक पहुंचे. इसी रणनीति के तहत रेलवे ने आधार सत्यापन और तकनीकी निगरानी को मजबूत किया है. रेलवे के अनुसार, अब तक 5.73 करोड़ संदिग्ध और निष्क्रिय IRCTC अकाउंट्स को बंद या अस्थायी रूप से निलंबित किया जा चुका है. इसे टिकट ब्लैक मार्केटिंग पर बड़ा कदम माना जा रहा है.
यात्रियों को क्या करना चाहिए
नए नियमों का लाभ उठाने के लिए यात्रियों को अपने IRCTC अकाउंट का आधार वेरिफिकेशन समय रहते पूरा कर लेना चाहिए. यात्रा से जुड़ी जानकारी, ट्रेन का चयन और पेमेंट ऑप्शन पहले से तैयार रखने से बुकिंग के समय परेशानी नहीं होगी.
डिजिटल पारदर्शिता की ओर एक और कदम
बुकिंग विंडो बढ़ने से भीड़ कम होगी, सिस्टम पर दबाव घटेगा और यात्रियों को ज्यादा विकल्प मिलेंगे. रेलवे का यह फैसला ई-गवर्नेंस को मजबूत करता है और टिकट बुकिंग अनुभव को बेहतर बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
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