प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को नॉर्वे के बड़े बिजनेस और रिसर्च लीडर्स से एक व्यापक चर्चा की, जिसमें उन्होंने भारत में बढ़ते व्यावसायिक और निवेश अवसरों पर प्रकाश डाला. इस दौरान उन्होंने ग्लोबल स्तर पर चुनौतियों और भारत-नॉर्वे साझेदारी के महत्व पर भी बात की.
ग्लोबल चैलेंज और साझेदारी की जरूरत
पीएम मोदी ने कहा कि आज food, fuel और fertilizer security जैसी समस्याएँ वैश्विक स्तर पर बड़ी चुनौतियों के रूप में उभर रही हैं. ऐसे समय में भारत और नॉर्वे मिलकर इन समस्याओं का समाधान कर रहे हैं. उन्होंने इसे एक अनूठा अवसर बताया और कहा कि आज का समय सही दिशा में कदम उठाने के लिए महत्वपूर्ण है.
भारत और नॉर्वे के बीच खास एग्रीमेंट
प्रधानमंत्री ने अक्टूबर 2025 में यूरोपियन फ्री ट्रेड एसोसिएशन के साथ लागू हुए trade and economic partnership agreement (TEPA) का उल्लेख किया. उन्होंने इसे एक विशेष और अनूठा समझौता बताते हुए कहा कि यह केवल व्यापार तक सीमित नहीं, बल्कि टैलेंट, टेक्नोलॉजी और म्युचुअल ट्रस्ट को भी मजबूत करता है.
Speaking at the India-Norway Business and Research Summit in Oslo.
— Narendra Modi (@narendramodi) May 18, 2026
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भारत का बदलता आर्थिक परिदृश्य
पीएम मोदी ने पिछले 12 वर्षों में भारत के आर्थिक माहौल में आए बदलावों पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि सरकार ने लगातार कम्प्लायंस की जरूरतों को कम किया है और बिजनेस करने में आसानी के लिए प्रोएक्टिव कदम उठाए हैं. टैक्सेशन, लेबर कोड और गवर्नेंस में नेक्स्ट-जेनरेशन रिफॉर्म लागू करना इसका हिस्सा है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूत करने के लिए अलग-अलग इंडस्ट्रीज़ में बेमिसाल अवसर और इंसेंटिव दिए जा रहे हैं. शिपबिल्डिंग इस प्रयास का प्रमुख उदाहरण है. उन्होंने स्पष्ट किया कि Reform, Perform और Transform के मंत्र के साथ भारत ने अपने आर्थिक DNA में पिछले 12 वर्षों में गहरा बदलाव किया है.
नॉर्वे के लिए भारत में निवेश के अवसर
पीएम मोदी ने बताया कि शिपबिल्डिंग के अलावा भारत अब MRO (मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल), ग्रीन शिपिंग और अन्य समुद्री सेवाओं के लिए ग्लोबल हब के रूप में उभर रहा है. उन्होंने कहा कि वर्तमान में नॉर्वे के लगभग 10% जहाज भारत में बनते हैं और अगले पांच वर्षों में इसे 25% तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा जा सकता है. प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत और नॉर्वे के बीच लैब टू लैब, यूनिवर्सिटी टू यूनिवर्सिटी और साइंटिस्ट टू साइंटिस्ट पार्टनरशिप के माध्यम से रिसर्च और स्टार्टअप इकोसिस्टम को जोड़ा जा रहा है.
बिजनेस और अवसरों के लिए प्रेरणा
पीएम मोदी ने नॉर्वे के बिजनेस लीडर्स से कहा कि वे अपने विजन और एम्बिशन को बड़ा करें. उन्होंने उन्हें भारत में मौके तलाशने और अपना बिजनेस शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया.
इन फील्ड्स के CEO और सीनियर लीडर्स शामिल हुए
इसमें हिस्सा लेने वाली बड़ी कंपनियों की कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन/एंटरप्राइज वैल्यू करीब 200 बिलियन अमेरिकी डॉलर होने का अनुमान है, जो भारत के साथ नॉर्वे के इकोनॉमिक जुड़ाव के पैमाने और महत्व को दिखाता है.
इस मीटिंग में नॉर्डिक इकोनॉमी के लिए एक भरोसेमंद इकोनॉमिक पार्टनर और इनोवेशन डेस्टिनेशन के तौर पर भारत की बढ़ती अहमियत को भी दिखाया गया. जिन खास कंपनियों ने प्रतिनिधित्व किया, उनमें ये थीं:
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