प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को सोमवार को नॉर्वे के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट’ से नवाजा गया. यह सम्मान उन्हें नॉर्वे के हितों और अंतरराष्ट्रीय संबंधों को मजबूत करने में उनके असाधारण योगदान के लिए दिया गया है. यह पीएम मोदी को मिला 32वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है और ‘ग्रैंड क्रॉस’ रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट का सर्वोच्च दर्जा माना जाता है.
स्वीडन के बाद नॉर्वे की ओर से भी सम्मान
मोदी को इससे एक दिन पहले स्वीडन के प्रतिष्ठित ‘रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार, डिग्री कमांडर ग्रैंड क्रॉस’ से सम्मानित किया गया था. यह सम्मान द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और दूरदर्शी नेतृत्व के लिए दिया जाता है. प्रधानमंत्री मोदी स्वीडन और नॉर्वे की इस यात्रा पर एक दिन अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और सुरक्षा मसलों पर चर्चा कर रहे हैं.
#WATCH ओस्लो: नॉर्वे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना सर्वोच्च सम्मान - 'ग्रैंड क्रॉस ऑफ़ द रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ़ मेरिट' प्रदान किया है।
— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 18, 2026
'ग्रैंड क्रॉस' रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ़ मेरिट का सर्वोच्च सम्मान है। यह प्रधानमंत्री मोदी के लिए 32वां वैश्विक सम्मान है।
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पश्चिम एशिया और यूक्रेन पर पीएम मोदी की टिप्पणी
नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर के साथ वार्ता के दौरान पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया संकट और यूक्रेन संघर्ष के समाधान के लिए संवाद और कूटनीति पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि केवल सैन्य कार्रवाई से स्थायी शांति स्थापित नहीं की जा सकती और सभी देशों को मिलकर शांतिपूर्ण रास्ता अपनाना चाहिए.
पीएम ने मीडिया के लिये टेलीविजन पर प्रसारित अपने संदेश में कहा, “भारत और नॉर्वे, दोनों ही नियम-आधारित व्यवस्था, संवाद और कूटनीति में विश्वास रखते हैं. हम इस बात से सहमत हैं कि किसी भी मुद्दे का समाधान केवल सैन्य संघर्ष से नहीं किया जा सकता है. चाहे यूक्रेन हो या पश्चिम एशिया, हम संघर्ष की शीघ्र समाप्ति और शांति के लिए किए जा रहे हर प्रयास का समर्थन करना जारी रखेंगे.”
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