CBSE का बड़ा फैसला, 12वीं परीक्षा की आंसरशीट देखने की फीस हुई सस्ती; अब सिर्फ इतने रुपये में मिलेगा एक्सेस

CBSE Result : 12वीं का रिजल्ट आने के बाद कई छात्रों ने सवाल उठाए हैं. छात्रों का कहना है कि इस बार कॉपियों की जांच में नए डिजिटल सिस्टम ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) का इस्तेमाल हुआ, जिसकी वजह से उन्हें उम्मीद से कम नंबर मिले हैं.

CBSE big decision fee for viewing answer sheet of 12th exam becomes cheaper
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CBSE Result : 12वीं का रिजल्ट आने के बाद कई छात्रों ने सवाल उठाए हैं. छात्रों का कहना है कि इस बार कॉपियों की जांच में नए डिजिटल सिस्टम ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) का इस्तेमाल हुआ, जिसकी वजह से उन्हें उम्मीद से कम नंबर मिले हैं. कई छात्रों को लगा कि उन्होंने पेपर अच्छे किए थे और 90-95% तक मार्क्स आने चाहिए थे, लेकिन रिजल्ट कम आया. सोशल मीडिया पर भी कई स्टूडेंट्स ने अपनी मार्कशीट शेयर कर नाराजगी जताई.

शिक्षा मंत्रालय ने दिया जवाब

इन सवालों पर स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता सचिव संजय कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सफाई दी. उन्होंने कहा कि OSM सिस्टम को लेकर जो भी गलतफहमियां हैं, उन्हें दूर किया जाना जरूरी है. उन्होंने बताया कि इस बार पास प्रतिशत लगभग 3% घटकर 88% से 85% के बीच आया है, जिससे कुछ छात्रों में चिंता बढ़ी है.

OSM सिस्टम नया नहीं है

संजय कुमार ने कहा कि ऑन-स्क्रीन मार्किंग कोई नया सिस्टम नहीं है. इसे CBSE ने पहले 2014 में शुरू किया था, लेकिन उस समय तकनीकी कारणों से इसे पूरी तरह जारी नहीं रखा जा सका. इस साल इसे दोबारा पूरी तैयारी के साथ लागू किया गया है ताकि कॉपियों की जांच ज्यादा सटीक हो सके.

98 लाख कॉपियों की डिजिटल जांच

उन्होंने बताया कि इस बार करीब 98 लाख उत्तर पुस्तिकाएं स्कैन करके डिजिटल फॉर्म में जांची गईं. इससे कुल अंकों की गिनती में होने वाली गलतियों को काफी हद तक खत्म किया गया है. स्कैनिंग के दौरान सुरक्षा के तीन स्तर भी बनाए गए थे ताकि डेटा सुरक्षित रहे.

13,000 कॉपियों की मैन्युअल जांच

प्रक्रिया के दौरान करीब 13,000 कॉपियों में दिक्कत पाई गई. कुछ आंसर शीट्स में लिखाई बहुत हल्की थी, जिससे स्कैन में पढ़ने में समस्या आई. इन कॉपियों को अलग करके मैन्युअल तरीके से जांचा गया और फिर उनके अंक अपडेट किए गए.

री-चेकिंग और फीस में बदलाव

संजय कुमार ने बताया कि अब छात्रों को अपनी आंसर शीट देखने के लिए 100 रुपये फीस देनी होगी. अगर कोई छात्र किसी सवाल की दोबारा जांच चाहता है तो उसके लिए 25 रुपये की फीस रखी गई है. अगर री-चेकिंग में अंक बढ़ते हैं, तो छात्रों को पूरी फीस वापस कर दी जाएगी.

फीस में भी कटौती की गई

उन्होंने कहा कि पहले आंसर शीट की कॉपी लेने के लिए 700 रुपये लगते थे, जिसे अब घटाकर 100 रुपये कर दिया गया है. वैलिडेशन फीस भी 500 रुपये से घटाकर 100 रुपये कर दी गई है. किसी एक सवाल की री-चेकिंग के लिए अब लगभग 225 रुपये देने होंगे.

छात्रों के लिए क्या कहा गया

शिक्षा सचिव ने कहा कि CBSE और मंत्रालय का मकसद छात्रों की भलाई है. अगर किसी छात्र को लगता है कि उसके नंबर गलत हैं, तो वह री-चेकिंग के लिए आवेदन कर सकता है. उन्होंने कहा कि पारदर्शिता और सही मार्किंग सिस्टम सरकार की प्राथमिकता है, ताकि हर छात्र को उसके प्रदर्शन के हिसाब से सही अंक मिलें.

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