जब महिला खिलाड़ियों से मिले पीएम मोदी, क्यों नहीं छुई ICC वर्ल्ड कप की ट्रॉफी? जानें कारण

वर्ल्ड कप जीत के बाद 5 नवंबर को पूरी टीम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके आधिकारिक आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर मिलने पहुंची. सभी खिलाड़ी नीले परिधान में सजे हुए गर्व से चमक रहे थे.

PM Modi Meets Team India Did Not Touched Icc world cup trophy know why
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वर्ल्ड कप जीत के बाद 5 नवंबर को पूरी टीम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके आधिकारिक आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर मिलने पहुंची. सभी खिलाड़ी नीले परिधान में सजे हुए गर्व से चमक रहे थे. प्रधानमंत्री ने सभी का गर्मजोशी से स्वागत किया, उनसे उनकी संघर्ष यात्रा और जीत की कहानियां सुनीं. इस मुलाकात के दौरान टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर और उपकप्तान स्मृति मंधाना के साथ पीएम मोदी की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है.

लेकिन तस्वीर में एक बात सबका ध्यान खींच रही थी. प्रधानमंत्री ने वर्ल्ड कप ट्रॉफी को हाथ तक नहीं लगाया. दरअसल, खेल जगत में एक खास परंपरा मानी जाती है कि वर्ल्ड कप ट्रॉफी को सिर्फ वही खिलाड़ी छूते हैं जिन्होंने उसे अपने पसीने और मेहनत से जीता हो. यह उस उपलब्धि का प्रतीक होता है जो मैदान पर संघर्ष करके हासिल की जाती है. प्रधानमंत्री मोदी ने भी इसी परंपरा का सम्मान किया. उन्होंने न सिर्फ ट्रॉफी को छूने से परहेज किया, बल्कि कहा कि यह जीत पूरी तरह खिलाड़ियों और देश की बेटियों की है. हालांकि एक प्रधानमंत्री के रूप में उन्हें ऐसा करने का पूरा अधिकार था, लेकिन उन्होंने अपने इस कदम से एक गहरा संदेश दिया  “जो मैदान में लड़ता है, जीत का हक उसी का होता है.”

पहले भी निभाई थी यही परंपरा

यह पहली बार नहीं जब पीएम मोदी ने ऐसा किया. साल 2024 में जब भारतीय पुरुष टीम ने टी20 वर्ल्ड कप का खिताब जीता था, तब भी टीम की मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री ने ट्रॉफी को नहीं छुआ था. उस वक्त भी उन्होंने कप्तान रोहित शर्मा और कोच राहुल द्रविड़ को ही मंच का केंद्र बनने दिया था. इस बार भी उन्होंने वही परंपरा दोहराकर खिलाड़ियों के सम्मान को सर्वोपरि रखा.

भारत की ऐतिहासिक जीत

आईसीसी महिला वर्ल्ड कप 2025 भारतीय क्रिकेट इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया है. 1973 में इस टूर्नामेंट की शुरुआत के बाद भारत ने कई बार कोशिश की, दो बार फाइनल तक पहुंचा लेकिन खिताब से दूर रह गया. आखिरकार हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में वह सपना पूरा हुआ, जो करोड़ों दिलों में धड़कता था. भारत ने इस वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन किया और सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया जैसी दिग्गज टीम को मात देकर सबको चौंका दिया. ऑस्ट्रेलिया, जो 2017 के बाद वनडे वर्ल्ड कप में कभी नहीं हारी थी, उसे हराकर भारतीय टीम ने अपनी ताकत साबित कर दी.

खिलाड़ियों की मेहनत को मिला सम्मान

पीएम मोदी ने मुलाकात के दौरान कहा,कि आप सबने सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं जीती, बल्कि देश की हर बेटी का आत्मविश्वास बढ़ाया है. यह जीत नई पीढ़ी की प्रेरणा बनेगी. उनके शब्दों ने खिलाड़ियों के चेहरों पर मुस्कान और आंखों में गर्व भर दिया. भारत की यह जीत न सिर्फ क्रिकेट के मैदान पर बल्कि हर उस बेटी के दिल में भी दर्ज हो गई, जो बड़े सपने देखने की हिम्मत रखती है.

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