Noida Employees Protest: उत्तर प्रदेश के लखनऊ से आई बड़ी खबर के मुताबिक, योगी आदित्यनाथ ने नोएडा में चल रहे श्रमिक आंदोलन के बीच कर्मचारियों के हित में अहम फैसले लिए हैं. सरकार ने साफ निर्देश दिया है कि मजदूरों को ओवरटाइम का भुगतान दोगुनी दर से किया जाए, सैलरी समय पर मिले और कार्यस्थलों पर श्रम कानूनों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए.
मुख्यमंत्री ने एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में सभी औद्योगिक विकास प्राधिकरणों को निर्देश दिया कि वे अगले 24 घंटे के भीतर उद्योग संगठनों, फैक्ट्री प्रबंधन और श्रमिक प्रतिनिधियों से सीधा संवाद स्थापित करें. सरकार का जोर इस बात पर है कि समस्याओं का समाधान टकराव से नहीं, बल्कि बातचीत के जरिए प्राथमिकता के आधार पर किया जाए.
गौतम बुद्ध नगर बना श्रम सुधार का मॉडल
सरकारी बयान के अनुसार, गौतम बुद्ध नगर प्रशासन ने इन निर्देशों को लागू करने के लिए सख्त कदम उठाए हैं. जिलाधिकारी मेधा रूपम ने औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर श्रमिकों के अधिकारों को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए.
इन फैसलों के चलते जिले को श्रम सुधारों के एक मॉडल के रूप में विकसित करने की कोशिश की जा रही है.
ओवरटाइम का दोगुना भुगतान अनिवार्य
नई गाइडलाइंस के तहत अब किसी भी औद्योगिक इकाई को ओवरटाइम के भुगतान में कटौती करने की अनुमति नहीं होगी. कर्मचारियों को उनके अतिरिक्त काम के बदले नियमित दर से दोगुना भुगतान देना अनिवार्य कर दिया गया है.
साप्ताहिक अवकाश देना होगा जरूरी
सभी कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि श्रमिकों को हर सप्ताह एक दिन का अवकाश मिले. यदि किसी कर्मचारी से रविवार को काम लिया जाता है, तो उसे इसके बदले दोगुनी मजदूरी देनी होगी.
तय समय पर वेतन और बोनस
सरकार ने मजदूरों की आर्थिक सुरक्षा और पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए सख्त निर्देश दिए हैं कि हर महीने की 10 तारीख तक कर्मचारियों को एकमुश्त वेतन दिया जाए. इसके साथ ही वेतन सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर करना और सैलरी स्लिप देना भी अनिवार्य होगा.
इसके अलावा, बोनस का भुगतान भी 30 नवंबर तक सीधे श्रमिकों के बैंक खातों में करना होगा.
महिला सुरक्षा पर विशेष जोर
कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी सरकार ने कड़े निर्देश जारी किए हैं. सभी फैक्ट्रियों को महिलाओं की अध्यक्षता में आंतरिक शिकायत समिति बनानी होगी, जो यौन उत्पीड़न से जुड़े मामलों की सुनवाई करेगी.
साथ ही, शिकायत पेटियां लगाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि कर्मचारी बिना किसी डर के अपनी समस्याएं दर्ज करा सकें.
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