नई दिल्ली: अमेरिका और भारत के रिश्तों को नई मजबूती देने की दिशा में एक अहम कदम उस समय देखने को मिला जब अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. राजधानी दिल्ली में हुई इस हाई लेवल बैठक में दोनों नेताओं ने वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की. मुलाकात के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे. इस दौरान मार्को रूबियो ने प्रधानमंत्री मोदी को व्हाइट हाउस आने का न्योता भी दिया, जिसे दोनों देशों के बढ़ते रणनीतिक संबंधों का संकेत माना जा रहा है.
"भारत और अमेरिका वैश्विक भलाई के लिए मिलकर काम करते रहेंगे"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मुलाकात को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की. उन्होंने लिखा कि, "अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो का स्वागत करके मुझे खुशी हुई. हमने भारत-US व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी में लगातार हो रही प्रगति और क्षेत्रीय तथा वैश्विक शांति और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की. भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका वैश्विक भलाई के लिए मिलकर काम करते रहेंगे."
Happy to receive the US Secretary of State, Mr. Marco Rubio.
— Narendra Modi (@narendramodi) May 23, 2026
We discussed sustained progress in the India-US Comprehensive Global Strategic Partnership and issues related to regional and global peace and security.
India and the United States will continue to work closely for… pic.twitter.com/CuD0DdDXB7
किन मुद्दों पर हुई चर्चा?
वहीं भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने भी इस बैठक को बेहद महत्वपूर्ण बताया. उन्होंने X पर बैठक की तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई यह मुलाकात काफी सार्थक रही. सर्जियो गोर के मुताबिक बैठक में सुरक्षा, व्यापार और महत्वपूर्ण तकनीकों जैसे क्षेत्रों में भारत और अमेरिका के सहयोग को और गहरा करने पर चर्चा हुई. उन्होंने कहा कि ये ऐसे क्षेत्र हैं जो दोनों देशों को मजबूती प्रदान करते हैं और एक स्वतंत्र तथा खुले इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को आगे बढ़ाने में मदद करते हैं. उन्होंने भारत को अमेरिका का अत्यंत महत्वपूर्ण साझेदार भी बताया.
इस दौरे को ट्रंप 2.0 प्रशासन के सबसे अहम कूटनीतिक दौरों में से एक माना जा रहा है. इससे पहले सर्जियो गोर ने कहा था कि मार्को रूबियो भारत के लिए एक स्पष्ट संदेश लेकर आए हैं कि 21वीं सदी में अमेरिका की सफलता के लिए भारत बेहद जरूरी साझेदार बन चुका है. उन्होंने कहा कि किसी भी रणनीतिक साझेदारी की असली परीक्षा इस बात में होती है कि दोनों देश मतभेदों को किस तरह सुलझाते हैं और साझा हितों को किस तरह आगे बढ़ाते हैं. व्यापार, तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, आपूर्ति श्रृंखला, रक्षा और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में भारत और अमेरिका साथ मिलकर कहीं अधिक लाभ हासिल कर सकते हैं.
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो चार दिवसीय भारत दौरे पर हैं और उनका कार्यक्रम काफी व्यस्त रहने वाला है. विदेश मंत्रालय द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के बाद रविवार 24 मई को सुबह 11:30 बजे वह विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के साथ दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय बैठक करेंगे. इसके अलावा शाम 6 बजकर 20 मिनट पर वह अमेरिकी दूतावास में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में भी शामिल होंगे. माना जा रहा है कि इस दौरे के जरिए दोनों देशों के बीच रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी को नई दिशा मिलेगी.
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