Marco Rubio On PM Modi: भारत दौरे पर पहुंचे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारतीय पेशेवरों और कारोबार से जुड़े लोगों के लिए बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि अमेरिका एक नया “अमेरिका फर्स्ट वीजा शेड्यूलिंग टूल” शुरू कर रहा है, जिसका उद्देश्य उन बिजनेस प्रोफेशनल्स को प्राथमिकता देना है जो भारत और अमेरिका के रिश्तों को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं.
दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम के दौरान रुबियो ने कहा कि यह नई व्यवस्था दोनों देशों के आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को और मजबूती देने की दिशा में एक बड़ा कदम है. उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग को देखते हुए ऐसे लोगों को प्राथमिकता देना जरूरी है जो दोनों देशों के बीच साझेदारी को आगे बढ़ा रहे हैं.
बिजनेस प्रोफेशनल्स को मिलेगी प्राथमिकता
मार्को रुबियो ने कहा कि नया वीजा शेड्यूलिंग टूल खासतौर पर उन व्यावसायिक पेशेवरों के लिए तैयार किया गया है जो दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने में योगदान दे रहे हैं. उनके मुताबिक, यह पहल केवल वीजा प्रक्रिया को आसान बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका मकसद अमेरिका और भारत के बीच लंबे समय तक मजबूत साझेदारी बनाए रखना भी है.
उन्होंने कहा कि यह सुविधा केवल भारतीय आवेदकों के लिए ही नहीं, बल्कि उन अमेरिकी नागरिकों के लिए भी अहम है जो भारत में काम कर रहे हैं और दोनों देशों के साझा हितों को आगे बढ़ाने में भूमिका निभा रहे हैं.
इंडो-पैसिफिक रणनीति में भारत की अहम भूमिका
अमेरिकी विदेश मंत्री ने अपने संबोधन में भारत की रणनीतिक अहमियत पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच संबंध इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को लेकर अमेरिका की नीति की मजबूत नींव हैं.
रूबियो ने बताया कि विदेश मंत्री बनने के बाद उनकी पहली आधिकारिक बहुपक्षीय बैठक क्वाड समूह से जुड़ी थी और इसे भारत में आयोजित करना अमेरिका की प्राथमिकताओं को दर्शाता है. उन्होंने कहा कि यह केवल कूटनीतिक औपचारिकता नहीं थी, बल्कि यह संदेश था कि अमेरिका भारत को इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में बेहद अहम साझेदार मानता है.
पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रम्प की दोस्ती का किया जिक्र
अपने भाषण के दौरान मार्को रुबियो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बीच संबंधों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत स्तर पर मजबूत रिश्ता है, जो पिछले प्रशासन के समय से बना हुआ है और अब भी जारी है.
रूबियो ने कहा कि किसी भी दो देशों के रिश्तों में शीर्ष नेताओं के बीच विश्वास और समझ बेहद महत्वपूर्ण होती है. उनके मुताबिक, पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रम्प दोनों गंभीर सोच रखने वाले नेता हैं, जो केवल तात्कालिक राजनीति नहीं बल्कि दीर्घकालिक रणनीति पर ध्यान देते हैं. उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं के बीच की समझ और तालमेल भारत-अमेरिका संबंधों को आगे बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभा रहा है.
व्यापार और रणनीतिक साझेदारी पर जोर
रूबियो ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार, टेक्नोलॉजी, सुरक्षा और रक्षा सहयोग लगातार बढ़ रहा है. उन्होंने दोनों देशों के साझा हितों का जिक्र करते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में यह साझेदारी और गहरी होगी.
उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका भारत को केवल एक सहयोगी देश के रूप में नहीं, बल्कि एक ऐसे रणनीतिक साझेदार के तौर पर देखता है जो वैश्विक स्तर पर स्थिरता और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.
गर्मी का भी किया जिक्र
अपने संबोधन के आखिर में मार्को रुबियो ने हल्के अंदाज में दिल्ली की गर्मी का जिक्र भी किया. उन्होंने कहा कि वह अपनी बात को ज्यादा लंबा नहीं करना चाहते क्योंकि यहां काफी गर्मी है. उनके इस बयान पर कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच हल्की मुस्कान देखने को मिली.
रूबियो का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार, रक्षा और रणनीतिक साझेदारी तेजी से मजबूत हो रही है. ऐसे में नए वीजा टूल की घोषणा को दोनों देशों के संबंधों में एक अहम कदम माना जा रहा है.
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