Monsoon Session 2026: संसद के मानसून सत्र के अब केवल चार दिन बाकी हैं और ऐसे में सरकार ने लंबित विधायी कामकाज को तेजी से आगे बढ़ाने की तैयारी कर ली है. सोमवार को लोकसभा और राज्यसभा, दोनों सदनों में कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा और उन्हें आगे बढ़ाने की प्रक्रिया होने की संभावना है. हालांकि, NEET पेपर लीक मामले में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष का विरोध जारी रहने से सदन की कार्यवाही एक बार फिर हंगामेदार रहने के आसार हैं.
लोकसभा में पेश होंगे कई महत्वपूर्ण विधेयक
लोकसभा में सोमवार को कई अहम विधेयक पेश किए जाने की तैयारी है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 'केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026' और 'राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026' पेश करेंगे. वहीं, केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल 'अधिकरण सुधार विधेयक, 2026' सदन में पेश करेंगे. इसके अलावा 'खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026' भी लोकसभा के एजेंडे में शामिल है. केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, जयंत चौधरी और अन्य मंत्री भी सदन में विभिन्न दस्तावेज और पत्र पटल पर रखेंगे.
राज्यसभा में टैक्स से जुड़े विधेयकों पर होगी चर्चा
राज्यसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 'टैक्सेशन एंड अदर लॉज (अमेंडमेंट) बिल, 2026' और 'बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल, 2026' पर चर्चा के बाद इन्हें पारित कराने के लिए पेश कर सकती हैं. दोनों विधेयक लोकसभा से पहले ही पारित हो चुके हैं. टैक्सेशन एंड अदर लॉज (अमेंडमेंट) बिल का उद्देश्य निवेश को प्रोत्साहित करने के साथ कर व्यवस्था में अधिक निश्चितता लाना है. वहीं, बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल के जरिए डिजिटल बैंकिंग रिकॉर्ड को कानूनी साक्ष्य के तौर पर मान्यता देने का प्रावधान किया गया है.
NEET मामले पर विपक्ष के तेवर बरकरार
विधायी कामकाज के बीच NEET पेपर लीक मामले को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव जारी रहने की संभावना है. विपक्षी दल छात्रों के संसद मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जवाब की मांग कर रहे हैं. विपक्ष का आरोप है कि छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर सरकार को सदन में स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए. इस मुद्दे पर विपक्ष के लगातार विरोध के कारण मानसून सत्र में पहले भी दोनों सदनों की कार्यवाही प्रभावित हुई है. सोमवार को भी इस मुद्दे पर जोरदार हंगामे के आसार जताए जा रहे हैं.
FCRA संशोधन विधेयक पर बढ़ी सियासी सरगर्मी
सरकार मानसून सत्र की समाप्ति से पहले 'फॉरेन कंट्रीब्यूशन (रेगुलेशन) अमेंडमेंट बिल, 2026' को चर्चा और पारित कराने के लिए सदन में ला सकती है. इस विधेयक का उद्देश्य विदेशी योगदान से जुड़े नियमों में पारदर्शिता और नियमन को मजबूत करना बताया गया है. हालांकि, इस विधेयक को लेकर ईसाई समूहों और अल्पसंख्यक संगठनों ने आपत्ति जताई है. प्रतिनिधियों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर विधेयक को वापस लेने या इसे संयुक्त संसदीय समिति के पास भेजने की मांग की है.
कांग्रेस ने सांसदों को जारी किया व्हिप
FCRA संशोधन विधेयक को लेकर विपक्षी दलों ने भी अपना रुख स्पष्ट करना शुरू कर दिया है. कांग्रेस ने अपने लोकसभा सांसदों को व्हिप जारी किया है. शिवसेना (यूबीटी) के सांसद अरविंद सावंत ने सरकार पर चुनिंदा मुद्दों पर चिंता जताने का आरोप लगाया है. डीएमके सांसद तिरुचि शिवा ने भी विधेयक का विरोध करने की बात कही है. वहीं, आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह और बीजू जनता दल की सांसद सुलता देव ने भी इस पूरी प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्तियां रखी हैं.
परिसीमन के मुद्दे पर भी विपक्ष की नजर
संसद में परिसीमन का मुद्दा भी लगातार चर्चा में है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है कि महिला आरक्षण से जुड़े परिसीमन संबंधी विधेयक पर विपक्षी दल मिलकर फैसला करेंगे. 'संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026' के जरिए लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन दो-तिहाई बहुमत नहीं मिलने के कारण यह पारित नहीं हो सका. विपक्ष महिला आरक्षण को परिसीमन की प्रक्रिया से अलग करने की मांग कर रहा है.
अब तक कई विधेयक हो चुके हैं पारित
मानसून सत्र की शुरुआत से ही विपक्ष विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार पर हमलावर है. छात्रों के संसद मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई और NEET मामले में गृह मंत्री से जवाब की मांग को लेकर सदन की कार्यवाही कई बार बाधित हुई है. इस बीच मानसून सत्र में अब तक 'पब्लिक एग्जामिनेशंस अमेंडमेंट बिल, 2026', 'प्रिवेंशन ऑफ इन्सल्ट्स टू नेशनल ऑनर (अमेंडमेंट) बिल, 2026', 'रजिस्ट्रेशन ऑफ बर्थ्स एंड डेथ्स (अमेंडमेंट) बिल, 2026', 'माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज डेवलपमेंट (अमेंडमेंट) बिल, 2026' और 'सुप्रीम कोर्ट (नंबर ऑफ जजेज) अमेंडमेंट बिल, 2026' दोनों सदनों से पारित हो चुके हैं.
वहीं, 'टैक्सेशन एंड अदर लॉज (अमेंडमेंट) बिल, 2026' और 'बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल, 2026' लोकसभा से पारित हो चुके हैं और अब इन्हें राज्यसभा में आगे बढ़ाया जाना है. ऐसे में मानसून सत्र के आखिरी चार दिन सरकार और विपक्ष, दोनों के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं.
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