भारत सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा और सांस्कृतिक संप्रभुता को सर्वोपरि रखते हुए एक बड़ा कदम उठाया है. 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए जघन्य आतंकी हमले के बाद से भारत, पाकिस्तान के खिलाफ लगातार निर्णायक और रणनीतिक निर्णय ले रहा है. अब सरकार ने पाकिस्तान में निर्मित डिजिटल, ऑडियो और वीडियो कंटेंट पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है.
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने सभी ओटीटी प्लेटफॉर्म्स, यूट्यूब चैनल्स, पॉडकास्ट होस्टिंग सर्विसेज और अन्य डिजिटल माध्यमों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे पाकिस्तान में निर्मित किसी भी प्रकार का कंटेंट भारत में स्ट्रीम या प्रसारित न करें. सरकार ने कहा है कि ये निर्णय "राष्ट्रीय सुरक्षा हितों की रक्षा" और आतंकी गतिविधियों से जुड़े प्रोपेगेंडा को रोकने के मकसद से लिया गया है.
क्या-क्या आएगा बैन के दायरे में?
एडवाइजरी के अनुसार, प्रतिबंधित सामग्री में शामिल हैं:
वेब सीरीज और शॉर्ट फिल्में
पाकिस्तानी संगीत (ऑडियो और वीडियो दोनों)
पॉडकास्ट और रेडियो शोज
डॉक्युमेंट्रीज़ और टेलीफिल्म्स
किसी भी तरह का पाकिस्तानी मूल का डिजिटल कंटेंट
पहलगाम हमला: एक निर्णायक मोड़
एडवाइजरी में 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले का विशेष उल्लेख किया गया है. इस हमले में एक नेपाली नागरिक समेत कई भारतीयों की हत्या हुई थी और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे. भारत सरकार की जांच में सामने आया है कि इस हमले के पीछे पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन और उनका नेटवर्क सक्रिय रूप से शामिल रहा.
सरकार ने साफ किया है कि यह कदम न केवल जनता की सुरक्षा के लिए है, बल्कि यह एक नीतिगत संदेश भी है — भारत अपनी सीमाओं के भीतर ऐसे किसी भी कंटेंट को नहीं सहन करेगा जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से देशविरोधी ताकतों को प्रचार का माध्यम दे.
डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी जवाबदेही तय
सूचना मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई प्लेटफॉर्म इस निर्देश की अवहेलना करता है, तो उसके खिलाफ आईटी एक्ट और अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी. सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को तुरंत प्रभाव से पाकिस्तानी कंटेंट हटाने का निर्देश दिया गया है.
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