इस्लामाबाद: पाकिस्तान की आर्थिक बदहाली अब किसी छिपी हुई बात नहीं रही. लेकिन इस बार पाकिस्तान की हकीकत खुद संसद के भीतर गूंज उठी. तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के चेयरमैन गौहर खान ने नेशनल असेंबली में अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि पाकिस्तान की मौजूदा आर्थिक हालत इतनी खराब है कि भारत का एक राज्य, उत्तर प्रदेश भी हमसे कहीं आगे निकल चुका है.
यूपी बनाम पाकिस्तान: बजट में जमीन-आसमान का फर्क
गौहर खान ने आंकड़ों के साथ खुलासा किया कि पाकिस्तान का कुल बजट 62 अरब डॉलर है, जबकि भारत के सबसे बड़े राज्यों में से एक, उत्तर प्रदेश का बजट करीब 97 अरब डॉलर का है. उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान का कुल राजस्व मात्र 50 अरब डॉलर है, जबकि उत्तर प्रदेश का अनुमानित राजस्व 80 अरब डॉलर के आसपास है.
खान ने तीखा कटाक्ष करते हुए कहा, "हम पूरे देश का बजट संभाल नहीं पा रहे, और भारत का सिर्फ एक राज्य हमसे कई गुना आगे है."
हालांकि, खान से एक चूक भी हुई. उन्होंने अपने भाषण में भारत को "50 राज्यों वाला देश" बता दिया, जो शायद अमेरिका से तुलना करते हुए उनके दिमाग में आया होगा.
भारत में विपक्ष की अहमियत, पाकिस्तान में उपेक्षा
गौहर खान ने भारतीय लोकतंत्र का उदाहरण देते हुए अपनी सरकार पर भी हमला बोला. उन्होंने कहा कि भारत में विपक्ष के सुझावों को महत्व दिया जाता है, जबकि पाकिस्तान में सरकार विपक्ष की बात सुनने को तैयार ही नहीं होती.
उन्होंने संसद में एक किस्सा सुनाया: "जब भारत में मनमोहन सिंह वित्त मंत्री थे और वाजपेयी विपक्ष के नेता, तब भी सरकार विपक्ष के सुझावों को गंभीरता से लेती थी. भारत में बजट पेश होते समय विपक्ष के सुझावों को मान्यता दी जाती थी, लेकिन पाकिस्तान में तो बजट चर्चा के समय सरकार के मंत्री ही नदारद होते हैं."
उत्तर प्रदेश की सरकार इस बार ₹8.09 लाख करोड़ (~$95.7 अरब) का बजट लेकर आई है, जिसमें 22% खर्च इंफ्रास्ट्रक्चर, 13% शिक्षा, 11% कृषि और 6% स्वास्थ्य पर केंद्रित है. इसके अलावा राज्य तेजी से आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एक्सप्रेसवे नेटवर्क में निवेश कर रहा है.
दूसरी ओर पाकिस्तान का बजट PKR 18.9 ट्रिलियन (~$68 अरब) है, जिसमें आधे से ज्यादा हिस्सा सिर्फ कर्ज चुकाने में खर्च हो रहा है. 13% हिस्सा रक्षा बजट में और मात्र 7% विकास कार्यों में निवेश हो रहा है. पाकिस्तान की आय का बड़ा हिस्सा अंतरराष्ट्रीय कर्ज और IMF की मदद पर निर्भर है.
यूपी की अर्थव्यवस्था आगे, पाकिस्तान दबाव में
उत्तर प्रदेश की वित्तीय नीतियां उसे भारत के सबसे तेज़ी से बढ़ते राज्यों में ला रही हैं. राज्य $1 ट्रिलियन इकोनॉमी बनने की दिशा में बढ़ रहा है. इसके विपरीत पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था भारी कर्ज, बढ़ती महंगाई और गिरते विदेशी मुद्रा भंडार के कारण गंभीर संकट में है.
पाकिस्तान को अपने बजट घाटे को पूरा करने के लिए बार-बार अंतरराष्ट्रीय संस्थानों से मदद लेनी पड़ रही है, जबकि उत्तर प्रदेश मजबूत कर संग्रह और राजस्व सरप्लस के दम पर अपनी आर्थिक विकास यात्रा को आगे बढ़ा रहा है.
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