पाकिस्तान की ओर से जम्मू-कश्मीर में लगातार घुसपैठ की कोशिशें जारी हैं. जम्मू के राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा (LoC) के पास एक बार फिर 5 पाकिस्तानी ड्रोन देखे गए हैं, जिनका उद्देश्य भारतीय सीमा में घुसपैठ करना था. इस घटनाक्रम के बाद सुरक्षाबलों ने तुरंत काउंटर फायरिंग की, ताकि किसी भी प्रकार की घुसपैठ को नाकाम किया जा सके.
सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान का पहला ड्रोन मंगलवार, 13 जनवरी को शाम करीब 7:30 बजे भारतीय सीमा में दाखिल हुआ. पहला ड्रोन नियंत्रण रेखा (LoC) को पार कर भारतीय क्षेत्र में घुस आया, जिसके बाद सुरक्षाबलों ने तत्परता से कार्रवाई शुरू की. इसके बाद, लगभग एक घंटे के भीतर, यानी 8:30 बजे के आसपास, चार और पाकिस्तानी ड्रोन भारतीय सीमा में देखे गए. पिछले 48 घंटों में यह दूसरी बार है जब राजौरी सेक्टर में पाकिस्तान से ड्रोन मंडराते हुए देखे गए हैं.
मंगलवार को सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पाकिस्तानी सेना के ऑपरेशंस प्रमुख को DGMO की साप्ताहिक बैठक में कहा गया है कि ऐसे ड्रोन हमले ‘अस्वीकार्य’ हैं और उन्हें ‘कंट्रोल’ करना होगा. जनरल द्विवेदी ने साफ कहा, ‘लगाम लगाइए’. उन्होंने बताया कि मंगलवार को दोनों देशों के डायरेक्टर जनरल मिलिट्री ऑपरेशंस (DGMO) स्तर की बातचीत हुई, जिसमें भारत ने जम्मू-कश्मीर में हाल में देखी गई ड्रोन गतिविधियों पर कड़ा विरोध दर्ज कराया.
जनरल द्विवेदी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की स्थिति संवेदनशील है, लेकिन पूरी तरह कंट्रोल में है. उन्होंने पाकिस्तान को साफ कहा कि ऐसी ड्रोन घुसपैठ बर्दाश्त नहीं की जाएगी. DGMO बैठक में यह मुद्दा उठाया गया और पाकिस्तान से कंट्रोल करने को कहा गया. यह चेतावनी हाल की ड्रोन गतिविधियों के बाद आई है, जो बॉर्डर पर तनाव बढ़ा सकती है. भारतीय सेना पूरी तरह सतर्क है और किसी भी घुसपैठ को रोकने के लिए तैयार है.