कब और कितनी बार निकाल सकते हैं पीएफ का पूरा पैसा? पढ़ लें ये नियम

    EPFO New Rules: पीएफ (Provident Fund) कर्मचारियों की सबसे बड़ी बचत मानी जाती है, लेकिन लंबे समय तक इसके निकासी नियम इतने उलझे हुए रहे कि जरूरत पड़ने पर भी लोग अपना ही पैसा नहीं निकाल पाते थे.

    EPFO New Rules When You Can Withdraw 100 Percent Money and how many times know here
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    EPFO New Rules: पीएफ (Provident Fund) कर्मचारियों की सबसे बड़ी बचत मानी जाती है, लेकिन लंबे समय तक इसके निकासी नियम इतने उलझे हुए रहे कि जरूरत पड़ने पर भी लोग अपना ही पैसा नहीं निकाल पाते थे. अलग-अलग शर्तें, सेवा अवधि की जटिलताएं और तकनीकी कारणों से क्लेम रिजेक्ट होना आम बात थी. इन्हीं समस्याओं को दूर करने के लिए अब कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने पीएफ निकासी के नियमों में बड़ा बदलाव किया है, जिससे कर्मचारियों को समय पर और ज्यादा राशि तक पहुंच मिल सके.


    पुराने सिस्टम में पीएफ की आंशिक निकासी के लिए कुल 13 अलग-अलग प्रावधान थे. हर वजह के लिए सेवा अवधि अलग तय थी. कहीं दो साल तो कहीं सात साल तक. इससे न सिर्फ कर्मचारियों में भ्रम पैदा होता था, बल्कि कई बार सही होने के बावजूद क्लेम रिजेक्ट हो जाते थे. इसके अलावा, अधिकतर मामलों में केवल कर्मचारी के अपने योगदान और उस पर मिलने वाले ब्याज की ही निकासी की अनुमति थी. वह भी 50% से 100% की सीमित सीमा में. किसी मेडिकल इमरजेंसी या पारिवारिक जरूरत के समय यह रकम अक्सर नाकाफी साबित होती थी.

    नए नियमों में क्या बदला

    अक्टूबर के अंत में घोषित नए नियमों के तहत EPFO ने सभी आंशिक निकासी प्रावधानों को एक ही सरल फ्रेमवर्क में शामिल कर दिया है. सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब लगभग सभी तरह की निकासी के लिए न्यूनतम सेवा अवधि सिर्फ 12 महीने तय की गई है. इससे नए कर्मचारी भी जरूरत पड़ने पर पीएफ निकाल सकते हैं. सबसे अहम बात यह है कि अब निकासी योग्य राशि में कर्मचारी और नियोक्ता—दोनों का योगदान और उस पर मिलने वाला ब्याज शामिल होगा. यानी अब सदस्य अपने कुल पात्र पीएफ बैलेंस का 75% तक निकाल सकता है, जो पहले की तुलना में कहीं ज्यादा है.

    किन हालात में पूरा पीएफ निकाला जा सकता है

    12 महीने की सेवा पूरी करने के बाद EPFO सदस्य कुछ खास परिस्थितियों में अपने पात्र पीएफ बैलेंस का 100% तक निकाल सकता है. इनमें इलाज, पढ़ाई, शादी, घर से जुड़ी जरूरतें और कुछ विशेष परिस्थितियां शामिल हैं. इलाज के लिए एक वित्त वर्ष में तीन बार निकासी की अनुमति है. खुद या बच्चों की शिक्षा के लिए पूरी सदस्यता अवधि में 10 बार तक पैसा निकाला जा सकता है. शादी के लिए यह सीमा पांच बार रखी गई है. घर खरीदने, निर्माण, होम लोन चुकाने या मरम्मत के लिए भी पांच बार निकासी संभव है. इसके अलावा कुछ खास परिस्थितियों में बिना कोई कारण बताए भी साल में दो बार निकासी की जा सकती है.

    क्यों 25% राशि को सुरक्षित रखा गया

    हालांकि नए नियम निकासी को आसान बनाते हैं, लेकिन EPFO ने रिटायरमेंट सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक अहम शर्त जोड़ी है. कुल पीएफ बैलेंस का कम से कम 25% हिस्सा सुरक्षित रखा जाएगा. आंकड़ों से सामने आया कि बार-बार निकासी करने के कारण कई कर्मचारियों की लंबी अवधि की वित्तीय सुरक्षा कमजोर हो गई थी. बड़ी संख्या में पीएफ खातों में अंतिम निपटान के समय बहुत कम रकम बचती थी, जिससे 8.25% की लंबी अवधि की कंपाउंडिंग का फायदा नहीं मिल पाता था. इसी वजह से EPFO ने 25% राशि को रिटायरमेंट के लिए सुरक्षित रखने का फैसला किया है.

    नौकरी छूटने पर क्या विकल्प हैं

    अगर किसी कर्मचारी की नौकरी चली जाती है, तो नियम उसे राहत भी देते हैं. ऐसे में कुल पीएफ बैलेंस का 75% हिस्सा तुरंत निकाला जा सकता है. बाकी 25% राशि एक साल बाद निकाली जा सकती है. कुछ खास स्थितियों में—जैसे 55 साल की उम्र में रिटायरमेंट, स्थायी विकलांगता, छंटनी, वॉलंटरी रिटायरमेंट या भारत छोड़कर स्थायी रूप से विदेश जाने पर—पूरी पीएफ राशि निकालने की अनुमति भी मिलती है.

    पेंशन पर नहीं पड़ेगा असर

    इन बदलावों का Employees’ Pension Scheme (EPS) पर कोई असर नहीं होगा. 10 साल की सेवा पूरी होने से पहले पेंशन राशि निकाली जा सकती है, लेकिन रिटायरमेंट के बाद मासिक पेंशन पाने के लिए कम से कम 10 साल की EPS मेंबरशिप जरूरी रहेगी.अक्सर लोग पेंशन राशि जल्दी निकाल लेते हैं और भविष्य के लाभ खो बैठते हैं. अगर पेंशन नहीं निकाली जाए, तो सदस्य की मृत्यु की स्थिति में परिवार को तीन साल तक पेंशन सुरक्षा मिलती है, जो निकासी के बाद खत्म हो जाती है. कुल मिलाकर, EPFO के नए पीएफ निकासी नियम कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत लेकर आए हैं. अब न सिर्फ नियम सरल हुए हैं, बल्कि जरूरत के समय ज्यादा रकम तक पहुंच भी आसान हो गई है, जबकि रिटायरमेंट सुरक्षा को भी नजरअंदाज नहीं किया गया है.

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