देश के कई राज्यों में हाड़ कंपाने वाली ठंड, यूपी में 2 की मौत, जानिए कोल्ड वेव सेहत के लिए कितनी खतरनाक

    भारत में इस वक्त ठंड का प्रकोप अपने चरम पर है. 13 जनवरी को भी सर्दी में कोई कमी नहीं आ रही, और यह लगातार बढ़ती जा रही है. पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही भारी बर्फबारी का असर अब पूरे उत्तर भारत में महसूस होने लगा है.

    Bone chilling cold grips several states how dangerous cold wave is for health
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    नई दिल्ली: भारत में इस वक्त ठंड का प्रकोप अपने चरम पर है. 13 जनवरी को भी सर्दी में कोई कमी नहीं आ रही, और यह लगातार बढ़ती जा रही है. पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही भारी बर्फबारी का असर अब पूरे उत्तर भारत में महसूस होने लगा है. उत्तर प्रदेश में ठंड के कारण दो लोगों की जान जा चुकी है, और राजस्थान, पंजाब, बिहार, हरियाणा जैसे राज्य इस सर्दी से बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं. इन राज्यों में तापमान में भी लगातार गिरावट देखी जा रही है.

    माउंट आबू और फतेहपुर में रिकॉर्ड तापमान

    राजस्थान के माउंट आबू में तापमान -1°C और उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में -0.4°C रिकॉर्ड किया गया है. इन तापमान के कारण, राज्य के कई जिलों में बच्चों के स्कूल बंद करने के आदेश भी जारी किए गए हैं. बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है. सर्दी की लहर इतनी खतरनाक हो चुकी है कि बिहार के कई जिलों में भी स्कूलों को बंद करने का निर्णय लिया गया है.

    बिहार, यूपी और दिल्ली में सर्दी का कहर

    भारत के प्रमुख शहरों में से एक दिल्ली में भी सुबह का तापमान 10°C से नीचे चला गया है. इसके अलावा उत्तर प्रदेश के 23 जिलों में घना कोहरा छाया हुआ है, और विभिन्न जिलों में बच्चों के स्कूल बंद रखे गए हैं. विशेष रूप से नोएडा, गोरखपुर, झांसी, आगरा जैसे शहरों में कक्षा 8 तक के बच्चों को छुट्टी दे दी गई है. चित्रकूट में सर्दी के कारण दो लोगों की मौत की खबर भी आई है, जो इस ठंड के खतरे को और अधिक गंभीर बनाती है.

    IMD द्वारा जारी अलर्ट: कोल्ड वेव की चेतावनी

    भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तरी राज्यों में 'सीवियर कोल्ड वेव' की चेतावनी जारी की है. यह ठंडी लहर न केवल लोगों की सेहत पर बुरा असर डाल रही है, बल्कि खेती और पशुपालन भी प्रभावित हो रहे हैं. बिहार और उत्तर प्रदेश में तापमान में अचानक गिरावट के कारण किसानों को भी कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है.

    कोल्ड वेव का सेहत पर असर

    IMD के अनुसार, 'कोल्ड वेव' का प्रभाव लोगों की सेहत पर काफी नकारात्मक होता है. ठंड के मौसम में सर्दी और जुकाम के मामलों में तेजी से वृद्धि हो जाती है. लंबे समय तक ठंड में रहने से नाक बहना या नाक से खून आना आम समस्या बन सकती है. इसके अलावा, 'फ्रॉस्टबाइट' जैसी गंभीर स्थितियां भी उत्पन्न हो सकती हैं, जिसमें शरीर के अंग जैसे हाथ और पैरों की उंगलियां जमने लगती हैं और उनकी त्वचा पीली या काली पड़ने लगती है.

    प्रभावित क्षेत्रों में भविष्य की चेतावनियां

    IMD के मुताबिक, 14 और 15 जनवरी को पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बर्फबारी की संभावना है, जबकि तेलंगाना और पुडुचेरी में भारी बारिश का अलर्ट भी जारी किया गया है. मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है ताकि किसी भी प्रकार के हादसे से बचा जा सके.

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