PoK में आंदोलन कुचलने उतरी पाकिस्तानी सेना, फायरिंग के साथ दागे ड्रोन! हमले का वीडियो वायरल

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में सरकार और सेना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन लगातार बढ़ रहे हैं. इस बीच प्रदर्शनकारियों पर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की कार्रवाई के कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं.

Pakistani army crush protests in PoK opens fire and deploys drones Video
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इस्लामाबाद: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में सरकार और सेना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन लगातार बढ़ रहे हैं. इस बीच प्रदर्शनकारियों पर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की कार्रवाई के कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं. गुरुवार को शेयर किए गए इन वीडियो में दावा किया गया है कि रावलकोट में पाकिस्तानी सेना ने प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग की और ड्रोन से हमले भी किए. बताया जा रहा है कि इस इलाके में पाकिस्तान सरकार और सेना के खिलाफ सबसे ज्यादा नाराजगी देखने को मिल रही है.

बुरहानुद्दीन और अली मुस्तफा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पीओके के कुछ वीडियो शेयर किए हैं. इनमें दावा किया गया है कि रावलकोट में सुरक्षा बलों ने ड्रोन हमले किए. एक वीडियो में घर में आग लगी हुई दिखाई दे रही है. इसके अलावा इलाके में मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवाएं बंद किए जाने की भी खबरें हैं.

प्रदर्शनकारियों ने दुनिया भर में रहने वाले कश्मीरियों से पाकिस्तान के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की है. उनका कहना है कि अब पाकिस्तान की कार्रवाई का जवाब देने के लिए एकजुट होना होगा.

फायरिंग में तीन लोगों की मौत का दावा

सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में एक प्रदर्शनकारी दावा कर रहा है कि पाकिस्तानी सेना की फायरिंग में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं. उसके मुताबिक, रावलकोट में पिछले दो से तीन घंटों से लगातार गोलियां चलाई जा रही हैं.

प्रदर्शनकारी ने आरोप लगाया कि सुरक्षा बलों ने आम लोगों और बच्चों को भी निशाना बनाया है. उसने लोगों से पाकिस्तानी सेना के खिलाफ एकजुट होकर सड़कों पर उतरने की अपील की है. हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है.

PoK में क्यों हो रहे हैं प्रदर्शन?

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में इस साल जून से ही विरोध प्रदर्शनों का दौर जारी है. शुरुआत पीओके विधानसभा में सीटों के आरक्षण को लेकर हुई थी. बाद में महंगाई, बेरोजगारी और स्थानीय संसाधनों पर पाकिस्तान के नियंत्रण जैसे मुद्दे भी आंदोलन का हिस्सा बन गए.

जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के नेतृत्व में लोग कई महीनों से प्रदर्शन कर रहे हैं. क्षेत्र के बड़े शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए हैं. खासतौर पर रावलकोट में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर रहे हैं. इस दौरान कई बार प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हिंसक झड़पें भी हुई हैं.

पाकिस्तान सरकार और सेना पर दमन का आरोप

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि शहबाज शरीफ सरकार और सेना प्रमुख असीम मुनीर के नेतृत्व में सुरक्षा बल आंदोलन को दबाने के लिए ताकत का इस्तेमाल कर रहे हैं. उनका कहना है कि सरकार ने बातचीत करने के बजाय JAAC पर प्रतिबंध लगाने और उसके नेताओं को गिरफ्तार करने जैसे कदम उठाए हैं.

प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग की घटनाओं ने लोगों का गुस्सा और बढ़ा दिया है. अब आंदोलन से जुड़े लोग पाकिस्तान सरकार और सेना के खिलाफ बड़े स्तर पर विरोध करने की अपील कर रहे हैं. फिलहाल रावलकोट में हालात को लेकर सोशल मीडिया पर कई दावे किए जा रहे हैं, लेकिन फायरिंग और ड्रोन हमलों से जुड़ी जानकारी की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है.

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