पाकिस्तान के रेल नेटवर्क की जर्जर हालत एक बार फिर सामने आई है. शुक्रवार की शाम लाहौर से रावलपिंडी जा रही इस्लामाबाद एक्सप्रेस अचानक पटरी से उतर गई, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. हादसा लाहौर से लगभग 50 किलोमीटर दूर शेखूपुरा जिले के काला शाह काकू इलाके में हुआ.
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस हादसे में ट्रेन के कम से कम 10 डिब्बे पटरी से उतर गए, और करीब 30 यात्री घायल हो गए, जिनमें से तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है.
मौके पर बचाव कार्य तेज़
घटना की खबर मिलते ही राहत और बचाव दल मौके पर पहुंच गए. राहतकर्मियों ने घायलों को पास के अस्पतालों में भर्ती कराया. अधिकारियों ने पुष्टि की है कि अब भी कुछ यात्री डिब्बों में फंसे हुए हैं, जिन्हें बाहर निकालने के प्रयास जारी हैं. रेलवे विभाग की ओर से बताया गया कि ट्रेन लाहौर रेलवे स्टेशन से रवाना होने के करीब आधे घंटे बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई. हादसे के वक्त ट्रेन की गति सामान्य थी, लेकिन अचानक डिब्बे पटरी से उतर गए, जिससे ट्रेन के पिछले हिस्से में अफरा-तफरी मच गई.
रेल मंत्री ने दिए जांच के आदेश
रेल मंत्री मुहम्मद हनीफ अब्बासी ने इस हादसे पर गहरी चिंता जताते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए हैं. उन्होंने रेलवे के सीईओ और मंडल अधीक्षक को मौके पर पहुंचने और हालात का जायज़ा लेने को कहा है. इसके साथ ही मंत्री ने निर्देश दिया है कि सात दिनों के भीतर हादसे की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाए.
पाकिस्तान में रेल हादसे कोई नई बात नहीं
यह हादसा पाकिस्तान में रेलवे की बिगड़ती हालत की एक और मिसाल है. यहां रेल नेटवर्क पिछले कई दशकों से उपेक्षा का शिकार है. पुराने ट्रैक, खस्ताहाल सिग्नल सिस्टम और तकनीकी रखरखाव की कमी के चलते दुर्घटनाएं आम हो गई हैं. साल 2023 में सिंध प्रांत के नवाबशाह में भी इसी तरह की एक भयावह दुर्घटना हुई थी, जब एक पैसेंजर ट्रेन पटरी से उतर गई थी. उस हादसे में 30 लोगों की मौत हो गई थी, और दर्जनों लोग घायल हुए थे.
कब सुधरेगी पाकिस्तान रेलवे की हालत?
हर हादसे के बाद जांच बैठाई जाती है, बयान दिए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर सुधार नहीं हो पाता. बार-बार सामने आने वाले ऐसे हादसे न सिर्फ यात्रियों की जान को खतरे में डालते हैं, बल्कि पाकिस्तान के रेल तंत्र की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े करते हैं. अब देखना यह है कि क्या इस बार की जांच से कोई ठोस समाधान निकलता है, या यह हादसा भी बाकी हादसों की तरह भुला दिया जाएगा.
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