पूरा भारत इस समय दीपों के पर्व दिवाली की चमक में सराबोर है. देश से लेकर दुनिया तक, जहां-जहां भारतीय और हिंदू समुदाय के लोग बसे हैं, वहां उल्लास और भक्ति के साथ यह पर्व मनाया जा रहा है. इस मौके पर विश्वभर के कई नेताओं ने दिवाली की शुभकामनाएं भी दी हैं. इसी क्रम में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी दुनिया भर के हिंदुओं को दिवाली की शुभकामनाएं दीं, लेकिन उनका यह संदेश अब सोशल मीडिया पर विवादों का केंद्र बन गया है.
पाक पीएम ने अपने आधिकारिक एक्स (Twitter) अकाउंट पर एक पोस्ट के माध्यम से लिखा कि दिवाली के पावन अवसर पर, मैं पाकिस्तान और दुनिया भर में हमारे हिंदू समुदाय को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं. दिवाली की रोशनी से घर और दिल जगमगाएं, और यह पर्व अंधकार को मिटाकर समाज में सद्भाव, शांति और साझा समृद्धि लाए. यह पर्व हमारे समाज में असहिष्णुता और असमानता जैसी समस्याओं के खिलाफ सामूहिक संकल्प का प्रतीक है.” उनके इस पोस्ट में भावनाएं तो सकारात्मक थीं, लेकिन यूजर्स ने इसे पाकिस्तान की ज़मीनी सच्चाई से जोड़ते हुए ट्रोल करना शुरू कर दिया.
पाकिस्तान में हिंदू हैं ही कितने?
शहबाज शरीफ के पोस्ट पर भारी संख्या में प्रतिक्रियाएं आने लगीं. कई यूजर्स ने इसे "बेशर्मी की पराकाष्ठा" बताते हुए पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के साथ हो रहे अत्याचारों की याद दिलाई. एक यूजर ने कटाक्ष करते हुए लिखा कि 5 हिंदू ही तो बचे हैं, व्हाट्सएप कर देते! इस कमेंट को 11 हजार से अधिक लाइक्स मिल चुके हैं, जबकि शहबाज शरीफ के मूल पोस्ट पर उससे कम यानी करीब 5300 लाइक्स ही आए. पत्रकार आदित्य राज कौल ने भी तीखा हमला बोलते हुए लिखा कि "पहलगाम में हिंदुओं की हत्या के बाद दिवाली की शुभकामनाएं देना पाकिस्तान की बेशर्मी को दर्शाता है. जिस देश में सैकड़ों हिंदुओं, सिखों और ईसाइयों को मारा गया, वहां से यह दिखावटी सद्भाव हास्यास्पद है."
On the auspicious occasion of Diwali, I extend my heartfelt greetings to our Hindu community in Pakistan and around the world.
— Shehbaz Sharif (@CMShehbaz) October 20, 2025
As homes and hearts are illuminated with the light of Diwali, may this festival dispel darkness, foster harmony, and guide us all toward a future of…
गिरती जा रही है पाकिस्तान में हिंदुओं की संख्या
शहबाज शरीफ के इस दिवाली संदेश ने एक बार फिर पाकिस्तान में हिंदुओं की दुर्दशा को चर्चा में ला दिया है. रिपोर्टों के अनुसार, 1947 में पाकिस्तान में हिंदुओं की संख्या कुल आबादी का 20% के आसपास थी, जो अब घटकर 2025 में सिर्फ 2.3% के करीब रह गई है. धार्मिक अल्पसंख्यकों पर हो रहे उत्पीड़न, जबरन धर्मांतरण, और सामाजिक बहिष्कार जैसे मुद्दे लंबे समय से पाकिस्तान पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सवाल खड़े करते रहे हैं. ऐसे में जब वहां के प्रधानमंत्री दिवाली की शुभकामनाएं देते हैं, तो वह अधिकतर लोगों को खोखले और बनावटी लगते हैं.
क्या पाकिस्तान में मनाई जाती है दिवाली?
हालांकि, पाकिस्तान में कुछ ऐसे इलाके अब भी हैं जहां हिंदू समुदाय मौजूद है और दिवाली मनाता है. सिंध प्रांत के थरपारकर, उमरकोट, मीरपुर खास और कराची के कुछ हिस्सों में अब भी दिवाली मनाने की परंपरा जीवित है. यहां के मंदिरों में पूजा-पाठ और दीपदान होता है, लेकिन सुरक्षा कारणों और सामाजिक दबाव के कारण त्योहारों का स्वरूप पहले जैसा नहीं रहा.
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