ईरान-अमेरिका जंग से पाकिस्तान को बड़ा झटका, शहबाज शरीफ ने खुद मानी बात, बताया कितना हो रहा नुकसान

मध्य पूर्व में ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव का असर अब दूसरे देशों की अर्थव्यवस्थाओं पर भी साफ दिखने लगा है.

Pakistan is suffering economic losses due to Iran-America war Shehbaz Sharif
प्रतिकात्मक तस्वीर/ AI

इस्लामाबाद: मध्य पूर्व में ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव का असर अब दूसरे देशों की अर्थव्यवस्थाओं पर भी साफ दिखने लगा है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने स्वीकार किया है कि बीते दो वर्षों से क्षेत्र में बने हालात ने पाकिस्तान की आर्थिक प्रगति को प्रभावित किया है. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार क्षेत्र में शांति बहाल करने और दोनों पक्षों के बीच तनाव कम करने के प्रयास लगातार जारी रखेगी.

राजधानी इस्लामाबाद में हुई कैबिनेट बैठक के दौरान प्रधानमंत्री शरीफ ने बताया कि संघर्ष से पहले जहां पाकिस्तान का तेल आयात करीब 300 मिलियन डॉलर था, वह बढ़कर 800 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया है. इससे देश की अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव बना है. उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि हाल के दिनों में पेट्रोलियम उत्पादों की खपत में गिरावट दर्ज की गई है, जो आर्थिक गतिविधियों पर असर का संकेत देती है.

टास्क फोर्स रख रही हालात पर नजर

आधिकारिक बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों पर नजर रखने के लिए एक विशेष टास्क फोर्स गठित की गई है, जो रोजाना स्थिति की समीक्षा कर रही है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इन चुनौतियों से निपटने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है.

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में हुई प्रगति और क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए पाकिस्तान की भूमिका की भी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि इस्लामाबाद ने क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए ईमानदारी से कूटनीतिक प्रयास किए हैं. उन्होंने 11 अप्रैल को इस्लामाबाद में हुई लंबी वार्ता का जिक्र करते हुए बताया कि यह बातचीत करीब 21 घंटे तक चली और इसे सकारात्मक माना गया.

प्रधानमंत्री शरीफ ने कहा कि इन प्रयासों में फील्ड मार्शल आसिम मुनीर, उपप्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री इशाक डार और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. उनके अनुसार, पाकिस्तान की कोशिशों का ही परिणाम है कि ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष विराम को आगे बढ़ाया गया, जो फिलहाल कायम है.

संघर्ष जल्द खत्म होने की उम्मीद

प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ पाकिस्तान आए थे और कई दौर की बातचीत हुई. उन्होंने कहा कि अराघची ने संकेत दिए हैं कि वह अपने नेतृत्व से परामर्श के बाद सकारात्मक प्रतिक्रिया देंगे.

शहबाज शरीफ ने हाल के दिनों में अराघची की इस्लामाबाद, मस्कट और मॉस्को यात्राओं का जिक्र करते हुए कहा कि रूस रवाना होने से पहले उनकी ईरानी विदेश मंत्री से फोन पर बात हुई थी, जिसमें उन्होंने भरोसा दिलाया कि ओमान में हुई बैठकों में पूरी गंभीरता से बातचीत हुई है और आगे भी सकारात्मक प्रगति की उम्मीद है.

दूसरे दौर की बातचीत की मेजबानी

प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि मौजूदा संघर्ष जल्द समाप्त हो सकता है. उन्होंने यह भी संकेत दिया कि पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच संभावित दूसरे दौर की बातचीत की मेजबानी करने की योजना बना रहा है. हाल ही में ईरानी विदेश मंत्री ने 48 घंटों के भीतर पाकिस्तान के दो छोटे दौरे किए, जहां उन्होंने क्षेत्रीय हालात पर चर्चा के लिए शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की.

इस बीच, अमेरिका की ओर से भी बातचीत की संभावना जताई गई है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि अमेरिका और ईरान के अधिकारी शांतिपूर्ण समाधान के लिए फोन पर बातचीत कर सकते हैं. साथ ही, उन्होंने पिछले सप्ताह लागू दो सप्ताह के संघर्ष-विराम को अनिश्चित काल तक बढ़ाने की घोषणा भी की थी.

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