BRICS Summit 2026: ब्रिक्स समिट 2026 का आयोजन भारत में हो रहा है और इस समूह का प्रभाव दुनिया में लगातार बढ़ रहा है. ऐसे में पाकिस्तान भी BRICS का हिस्सा बनने की कोशिश कर रहा है. पाकिस्तान ने 2023 में सदस्यता के लिए आवेदन किया था, लेकिन अब तक उसकी कोशिश कामयाब नहीं हुई है. उसे चीन और रूस जैसे देशों का समर्थन भी मिला, लेकिन भारत की आपत्ति के चलते उसकी सदस्यता का रास्ता आगे नहीं बढ़ सका.
BRICS में शामिल होना चाहता है पाकिस्तान
BRICS की शुरुआत ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के साथ हुई थी. यह उभरती अर्थव्यवस्थाओं का एक अहम समूह है. बाद में मिस्र, इथियोपिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात को नए सदस्यों के तौर पर शामिल किया गया.
पाकिस्तान भी लंबे समय से इस समूह में शामिल होने की कोशिश कर रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, BRICS में शामिल होने के लिए करीब 29 देशों ने आवेदन किया है और पाकिस्तान भी उनमें शामिल है. पाकिस्तान की दिलचस्पी की एक बड़ी वजह उसकी आर्थिक मुश्किलें हैं. पाकिस्तान इकोनॉमिक सर्वे के अनुसार, देश की GDP ग्रोथ 3.70 प्रतिशत रही थी.
भारत की ‘ना’ बनी सबसे बड़ी अड़चन
BRICS में किसी नए देश को सदस्य बनाने के लिए मौजूदा सभी सदस्यों की सहमति जरूरी होती है. ऐसे में किसी एक देश की असहमति भी सदस्यता रोक सकती है. पाकिस्तान के मामले में भारत की आपत्ति सबसे बड़ी रुकावट बनी हुई है.
पाकिस्तान को उम्मीद है कि BRICS में शामिल होने से उसे बड़े देशों के साथ आर्थिक सहयोग बढ़ाने और फंडिंग के नए विकल्प हासिल करने में मदद मिलेगी. आर्थिक संकट के बीच वह विश्व बैंक और IMF पर अपनी निर्भरता भी कम करना चाहता है. हालांकि, भारत के विरोध के कारण उसकी सदस्यता का मामला अब तक आगे नहीं बढ़ पाया है.
न्यू डेवलपमेंट बैंक में भी पाकिस्तान की हिस्सेदारी
Nikkei Asia की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान ने BRICS से जुड़े न्यू डेवलपमेंट बैंक में करीब 580 मिलियन डॉलर की हिस्सेदारी खरीदी है. इसके पीछे पाकिस्तान का मकसद फंडिंग के नए रास्ते तलाशना और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों पर निर्भरता कम करना बताया गया है.
BRICS के बढ़ते प्रभाव से पाकिस्तान की उम्मीद
पाकिस्तान ने BRICS में शामिल होने की कोशिश ऐसे समय शुरू की, जब इस समूह का प्रभाव ग्लोबल साउथ में तेजी से बढ़ रहा था. विस्तार के बाद BRICS में दुनिया की करीब 49 फीसदी आबादी शामिल हो गई है. वहीं, PPP के आधार पर यह समूह दुनिया की करीब 40 फीसदी GDP का प्रतिनिधित्व करता है.
BRICS देशों के साथ भारत का व्यापार भी बढ़ा है. इन देशों को भारत का निर्यात 48.8 फीसदी बढ़कर 64.3 अरब डॉलर से 95.7 अरब डॉलर तक पहुंच गया है.
2023 में पाकिस्तान ने किया था आवेदन
पाकिस्तान ने नवंबर 2023 में BRICS की सदस्यता के लिए आवेदन करने की आधिकारिक पुष्टि की थी. उस समय पाकिस्तानी विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ने कहा था कि पाकिस्तान ग्लोबल साउथ के इस महत्वपूर्ण समूह का हिस्सा बनना चाहता है. पाकिस्तान का कहना था कि उसके BRICS के ज्यादातर सदस्य देशों के साथ अच्छे संबंध हैं.
चीन और रूस का भी मिला समर्थन
पाकिस्तान की कोशिश को चीन और रूस का समर्थन भी मिला था. रूस में पाकिस्तान के राजदूत मुहम्मद खालिद जमाली ने रूसी समाचार एजेंसी TASS को बताया था कि पाकिस्तान BRICS के सदस्य देशों से अपने पक्ष में समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहा है. उन्होंने रूस से समर्थन मांगे जाने की बात भी कही थी.
इसके बावजूद पाकिस्तान की सदस्यता अब तक नहीं हो सकी. इसकी वजह BRICS में नए सदस्य को शामिल करने के लिए जरूरी सर्वसम्मति है. भारत की आपत्ति के कारण पाकिस्तान की एंट्री का रास्ता अभी भी बंद है.
ये भी पढ़ें- BRICS 2026: मोदी-जिनपिंग की मीटिंग से लेकर गाला डिनर तक... ब्रिक्स समिट में आज का पूरा शेड्यूल