'आतंकवाद का केंद्र PAK'..., UN में जयशंकर ने पाकिस्तान को लगाई ऐसी लताड़; सुनाई देने लगी तालियों की गूंज

80वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने विश्व समुदाय के सामने पाकिस्तान की पोल खोलते हुए आतंकवाद पर भारत के कड़े रुख को स्पष्ट शब्दों में दोहराया. उन्होंने पाकिस्तान को "आतंकवाद का केंद्र" बताते हुए कहा कि वहां की सरकार प्रायोजित आतंकी ढांचा आज भी पूरे दक्षिण एशिया की स्थिरता के लिए सबसे बड़ा खतरा बना हुआ है.

Pakistan is center of terrisom s jaishankar remarks in un
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80वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने विश्व समुदाय के सामने पाकिस्तान की पोल खोलते हुए आतंकवाद पर भारत के कड़े रुख को स्पष्ट शब्दों में दोहराया. उन्होंने पाकिस्तान को "आतंकवाद का केंद्र" बताते हुए कहा कि वहां की सरकार प्रायोजित आतंकी ढांचा आज भी पूरे दक्षिण एशिया की स्थिरता के लिए सबसे बड़ा खतरा बना हुआ है.

अपने भाषण में डॉ. जयशंकर ने अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले का विशेष रूप से उल्लेख किया. इस बर्बर हमले में 26 निर्दोष श्रद्धालुओं की जान गई थी, जिनमें अधिकतर हिंदू तीर्थयात्री थे. उन्होंने इसे मानवता पर सीधा हमला बताते हुए कहा कि यह घटना साबित करती है कि पाकिस्तान की जमीन पर मौजूद आतंकी अड्डे न केवल सक्रिय हैं, बल्कि 'औद्योगिक स्तर' पर काम कर रहे हैं और उन्हें वहां की सरकार का पूरा समर्थन प्राप्त है.

आतंकवादियों का महिमामंडन – एक खतरनाक प्रवृत्ति

भारत के विदेश मंत्री ने अपने भाषण में पाकिस्तान की उस सोच को भी उजागर किया, जहां आतंकियों को खुले मंचों पर नायक की तरह पेश किया जाता है. उन्होंने कहा कि, “जब आतंकवादियों को हीरो बनाया जाता है, तो यह सिर्फ हिंसा को सामान्य करने की कोशिश होती है और यह किसी भी सभ्य समाज में अस्वीकार्य है.”

आर्थिक स्रोतों पर चोट की ज़रूरत

जयशंकर ने वैश्विक समुदाय से आह्वान किया कि अब वक्त आ गया है कि आतंकवाद को पनाह देने वाले देशों और उनके नेटवर्क पर सुनियोजित दबाव डाला जाए. उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर ज़ोर दिया कि आतंकवादी संगठनों की फंडिंग रोकना प्राथमिकता होनी चाहिए. जब इनके आर्थिक स्रोत बंद हो जाएंगे, तभी इनके पांव उखड़ेंगे.

आतंक के समर्थकों को भी भुगतनी होगी कीमत

अपने भाषण के दौरान विदेश मंत्री ने उन देशों को भी सख्त लहजे में चेताया, जो प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से आतंकवाद को सहारा देते हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि, जो राष्ट्र आतंक फैलाने वालों का समर्थन करते हैं, उन्हें एक दिन इसकी कीमत चुकानी ही पड़ेगी.

भारत का जवाब: ऑपरेशन सिंदूर

जयशंकर ने यह भी बताया कि पहलगाम हमले के तुरंत बाद भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाकर पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर कड़ी कार्रवाई की थी. यह ऑपरेशन इस बात का प्रतीक था कि भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं करता. उन्होंने यह दोहराया कि भारत की नीति आतंकवाद के खिलाफ ‘शून्य सहिष्णुता’ (Zero Tolerance) की है और इस नीति में सिर्फ आतंकी ही नहीं, बल्कि उन्हें समर्थन देने वाले भी उतने ही दोषी माने जाते हैं.

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