कराची में पाकिस्तान का आजादी दिवस इस बार खुशी से ज्यादा मातम का दिन बन गया. जश्न की रात में चली लापरवाह गोलियों ने तीन निर्दोष लोगों की जान ले ली इनमें एक बुजुर्ग और महज 8 साल की मासूम बच्ची भी शामिल थी. हवाई फायरिंग से जहां कई घरों में रोशनी बुझ गई, वहीं एक अलग आतंकी हमले में एक पुलिसकर्मी भी शहीद हो गया.
आधी रात को आसमान में पटाखों के साथ गोलियों की आवाजें भी गूंज रही थीं. कराची के अलग-अलग इलाकों में बेकाबू लोगों ने खुशी मनाने के नाम पर बंदूकें दागीं, जिससे कम से कम 64 लोग गोलियों से घायल हो गए. अजीजाबाद में मासूम बच्ची को गोली लगी और उसकी जान नहीं बच सकी, जबकि कोरंगी इलाके में स्टीफन नामक व्यक्ति की मौत हो गई.
गोलियों से दहला कराची
पुलिस और स्थानीय मीडिया के मुताबिक, लियाकताबाद, कोरंगी, लियारी, महमूदाबाद, अख्तर कॉलोनी, कीमारी, जैक्सन, बलदिया, ओरंगी टाउन और पापोश नगर जैसे कई इलाकों में गोलियां चलीं. इसके अलावा शरिफाबाद, नॉर्थ नाजिमाबाद, सूरजानी टाउन, जमान टाउन और लांधी से भी इसी तरह के मामले सामने आए.
गिरफ्तारी और हथियार बरामद
घायलों को सिविल, जिन्ना, अब्बासी शहीद अस्पताल और गुलिस्तान-ए-जौहर समेत अन्य निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. पुलिस ने 20 से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लिया है और उनके पास से आधुनिक हथियार और गोला-बारूद जब्त किया है. अधिकारियों ने साफ किया है कि हवाई फायरिंग करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी.
पुरानी आदत, जानलेवा नतीजे
कराची में आजादी दिवस या नए साल पर इस तरह की घटनाएं कोई नई नहीं हैं. हर साल खुशी का माहौल गोलियों की आवाज में बदल जाता है और मासूम जानें चली जाती हैं. 2024 में इस तरह की फायरिंग में 95 लोग घायल हुए थे, जबकि 2023 में 80 लोग जख्मी हुए थे. इसी साल 1 जनवरी को नए साल के जश्न के दौरान 29 लोग गोलीबारी में घायल हुए थे.
पेशावर में आतंकी हमला
इसी दौरान, उत्तर पश्चिम पाकिस्तान के पेशावर के बाहरी इलाके में स्थित हसन खेल थाने पर अज्ञात आतंकियों ने घातक हथियारों से हमला कर दिया. इस हमले में कांस्टेबल अबु बकर की मौत हो गई और अधिकारी हारून घायल हो गए. पुलिस ने जवाबी फायरिंग कर आतंकियों को पीछे हटाया, लेकिन पूरे इलाके को हाई अलर्ट पर रखते हुए अतिरिक्त बल तैनात कर दिए गए हैं.
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