Imran Khan News: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के संस्थापक इमरान खान की सेहत और सुरक्षा को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है. अमेरिका में रहने वाले पत्रकार वजाहत एस. खान ने इमरान खान की मौत का दावा किया, जिसके बाद पाकिस्तान की राजनीति में हलचल तेज हो गई.
हालांकि, पाकिस्तानी सेना के मीडिया विंग आईएसपीआर ने इस दावे को पूरी तरह झूठा और बेबुनियाद बताया है. वहीं, इमरान खान की पार्टी पीटीआई का कहना है कि उनके परिवार ने जेल की निगरानी व्यवस्था में इमरान खान को देखा है.
पत्रकार ने इमरान खान की मौत को लेकर क्या कहा?
वजाहत एस. खान ने 10 और 11 अगस्त को जारी अपनी वीडियो रिपोर्ट में इमरान खान को लेकर कई दावे किए. उन्होंने कहा कि उन्होंने रावलपिंडी स्थित सेना मुख्यालय से जुड़े कुछ अधिकारियों और एक जवान से बात की है. पत्रकार के मुताबिक, इन लोगों ने इमरान खान की मौत की सीधे तौर पर पुष्टि नहीं की. हालांकि, उन्होंने सेना के अंदर डर और तनाव का माहौल होने की बात कही.
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि निगरानी के डर से कुछ सैन्य अधिकारी फोन पर इस मुद्दे पर बात करने से बच रहे हैं. कुछ अधिकारियों द्वारा मोबाइल फोन को माइक्रोवेव में रखने की बात भी कही गई है. हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है.
BIG: Senior Pakistani Journalist Wajahat S Khan claims that his sources who are three Senior Officers in Pakistani Army have said that they fear Former Pakistan PM Imran Khan is dead inside prison and hence Pakistan Army Chief Asim Munir is hiding him from the entire country. pic.twitter.com/IDjeqFEh1s
— Aditya Raj Kaul (@AdityaRajKaul) August 12, 2026
अदियाला जेल को लेकर भी किए गए दावे
इमरान खान रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं. वजाहत एस. खान की रिपोर्ट में दावा किया गया कि जेल की सुरक्षा और निगरानी में सैन्य खुफिया एजेंसियों की भूमिका बढ़ गई है. रिपोर्ट के मुताबिक, जेल में निगरानी के लिए आधुनिक उपकरण लगाए गए हैं और इमरान खान की बैरक की निगरानी की जा रही है.
यह भी दावा किया गया कि उनकी बैरक से जुड़ी निगरानी व्यवस्था की जानकारी सेना मुख्यालय तक पहुंचती है. इन दावों को लेकर पाकिस्तानी अधिकारियों की ओर से विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है.
#ImranKhanHealthMatters
— Muhammad Umair (@Muhamma39724055) August 12, 2026
پوری قوم کا ایک ہی مطالبہ ہے کہ عظیم لیڈر عمران احمد خان نیازی اور بشریٰ بی بی کو فوری طور پر منظرِ عام پر لا کر انکی فیملیز اور ذاتی معالجین کی نگرانی میں شفاء انٹرنیشنل ہسپتال اسلام آباد منتقل کیا جائے.#عمران_خان_کو_رہا_کرو pic.twitter.com/1gWsGFluFu
सेना ने दावे को बताया झूठा
इमरान खान की मौत की खबर सामने आने के बाद पाकिस्तानी सेना के मीडिया विंग आईएसपीआर ने इसका खंडन किया. सेना ने इन दावों को पूरी तरह मनगढ़ंत और झूठा बताया. वजाहत एस. खान ने भी आईएसपीआर के बयान पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि सेना की ओर से जवाब आना इस बात का संकेत है कि इमरान खान जिंदा हैं. इसी बीच पीटीआई ने भी दावा किया कि इमरान खान के परिवार के लोगों ने अदियाला जेल की निगरानी व्यवस्था में उन्हें देखा है.
पार्टी के मुताबिक, परिवार के सदस्यों ने उन्हें बुशरा बीबी से मिलने के लिए जाते हुए देखा. हालांकि, पीटीआई ने इमरान खान की सेहत को लेकर अपनी चिंता बरकरार रखी है. पार्टी का कहना है कि उनकी आंखों की रोशनी और ब्लड प्रेशर से जुड़ी समस्याओं को लेकर ध्यान देने की जरूरत है.
इमरान खान और पाकिस्तानी सेना के बीच कब बढ़ा तनाव?
इमरान खान और पाकिस्तानी सेना के बीच तनाव उनकी सरकार जाने के बाद तेजी से बढ़ा. अप्रैल 2022 में अविश्वास प्रस्ताव के जरिए इमरान खान को प्रधानमंत्री पद से हटा दिया गया था. इमरान खान ने इसके पीछे विदेशी साजिश और सेना की भूमिका का आरोप लगाया था. हालांकि, अमेरिका और पाकिस्तानी सेना दोनों ने इन आरोपों से इनकार किया.
इसके बाद मई 2023 में इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद पाकिस्तान में बड़े पैमाने पर हिंसा हुई. पीटीआई समर्थकों ने कई सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया. इस घटना के बाद सेना ने पीटीआई के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की और कई लोगों पर सैन्य अदालतों में मुकदमे चलाए गए. इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर पीटीआई समर्थकों ने कई बार प्रदर्शन भी किए.
असीम मुनीर पर भी पीटीआई के आरोप
इमरान खान की पार्टी लगातार सेना प्रमुख असीम मुनीर पर भी गंभीर आरोप लगाती रही है. पीटीआई का आरोप है कि इमरान खान और उनकी पार्टी के खिलाफ कार्रवाई में सेना की बड़ी भूमिका रही है. पार्टी का यह भी आरोप है कि चुनाव के दौरान उसके समर्थित उम्मीदवारों को नुकसान पहुंचाया गया और इमरान खान को राजनीतिक रूप से अलग-थलग करने की कोशिश की गई.
दूसरी ओर, पाकिस्तानी सेना इमरान खान और पीटीआई की कई गतिविधियों को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़कर देखती रही है. सेना और पीटीआई के बीच आरोप-प्रत्यारोप का यह सिलसिला लंबे समय से जारी है. फिलहाल इमरान खान की मौत को लेकर चल रही खबरों पर सेना का साफ खंडन सामने आ चुका है. ऐसे में उनकी मौत का दावा फिलहाल अफवाह और अपुष्ट जानकारी के तौर पर ही सामने आया है.
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