'भारत उन देशों पर नजर रखता है जो दोस्त नहीं...', सऊदी-पाकिस्तान-तुर्की रक्षा पैक्ट पर बोले जयशंकर

भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच हुए मक्का रक्षा समझौते को लेकर बड़ा बयान दिया है. एक कार्यक्रम में उनसे पूछा गया कि क्या यह समझौता भारत के लिए चिंता की बात है.

Jaishankar speaks on Saudi Pakistan Turkey makkah defence pact
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भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच हुए मक्का रक्षा समझौते को लेकर बड़ा बयान दिया है. एक कार्यक्रम में उनसे पूछा गया कि क्या यह समझौता भारत के लिए चिंता की बात है. इस पर जयशंकर ने कहा कि भारत उन देशों की गतिविधियों पर नजर रखता है, जिनका रवैया उसके प्रति दोस्ताना नहीं है.

मक्का समझौते को लेकर पूछे गए सवाल पर जयशंकर ने कहा कि इस समझौते को रक्षा समझौता कहा जा रहा है, लेकिन इसमें शामिल हर देश खुद कई तरह की सैन्य चुनौतियों का सामना कर रहा है. जब उनसे कहा गया कि जरूरी नहीं कि समझौते में शामिल सभी देश एक-दूसरे की मदद के लिए आगे आएं, तो उन्होंने कहा कि शायद सवाल करने वाले ने खुद ही इसका जवाब दे दिया है.

हर गतिविधि पर रहती है नजर

जयशंकर ने साफ किया कि भारत अपने प्रति अच्छा रवैया नहीं रखने वाले देशों की गतिविधियों को नजरअंदाज नहीं करता. उन्होंने कहा कि अगर कई देश मिलकर कोई कदम उठा रहे हैं या उनके बीच किसी तरह की रणनीति बन रही है, तो भारत उस पर जरूर ध्यान देता है.

हालांकि, विदेश मंत्री ने यह भी साफ किया कि भारत अपनी रणनीति और अंदर की जानकारी को सार्वजनिक नहीं करता. उन्होंने कहा कि हर बात लोगों के सामने बताना जरूरी नहीं है और देश अपनी तरफ से जरूरी कदम उठाता रहता है.

चीन के साथ रिश्तों पर भी बोले

विदेश मंत्री ने चीन के साथ भारत के रिश्तों पर भी बात की. उन्होंने कहा कि भारत और चीन दोनों ही स्थिर संबंध चाहते हैं, लेकिन दोनों देशों के रिश्तों पर सीमा की स्थिति का सीधा असर पड़ता है.

जयशंकर ने कहा कि 2020 की गर्मियों से लेकर 2024 की शरद ऋतु तक भारत और चीन के बीच काफी मुश्किल दौर रहा. इसकी सबसे बड़ी वजह सीमा पर पैदा हुई स्थिति थी.

उन्होंने कहा कि भारत और चीन दोनों बड़ी अर्थव्यवस्थाएं हैं. दोनों देशों के बीच कारोबार और सप्लाई चेन से जुड़े संबंध भी हैं. ऐसे में भारत को पूरी दुनिया के साथ व्यापार करना है और इसमें चीन भी शामिल है.

हालांकि, जयशंकर ने यह भी कहा कि भारत को चीन के साथ बातचीत करते समय आत्मविश्वास बनाए रखना होगा और अपने हितों पर मजबूती से खड़ा रहना होगा. उन्होंने कहा कि जिस तरह भारत ने सीमा पर अपनी स्थिति मजबूती से रखी है, उसी तरह बाकी मामलों में भी अपने हितों का ध्यान रखना जरूरी है.

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