भारतीय सेना की जासूसी कर रहा पाकिस्तान! LoC पर तैनात किए तुर्की के बायरकतार-TB2 ड्रोन, जानें ताकत

पाकिस्तान ने एलओसी पर तुर्की के बायरकतार TB2 ड्रोन तैनात किए हैं. भारतीय खुफिया एजेंसियों को एलओसी के पास इन ड्रोन की उड़ान दिखाई दी है.

Pakistan has deployed Turkish Bayraktar TB2 drones along the LoC Indian Army
प्रतिकात्मक तस्वीर/ AI

इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने एलओसी पर तुर्की के बायरकतार TB2 ड्रोन तैनात किए हैं. भारतीय खुफिया एजेंसियों को एलओसी के पास इन ड्रोन की उड़ान दिखाई दी है. माना जा रहा है कि पाकिस्तान इनका इस्तेमाल भारतीय सेना की निगरानी और खुफिया जानकारी जुटाने के लिए कर रहा है. यह कदम भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच सामने आया है.

बायरकतार TB2 मध्यम ऊंचाई पर उड़ने वाला और लंबे समय तक हवा में रहने वाला हथियारबंद ड्रोन है. इसका इस्तेमाल निगरानी, टोह लेने और सटीक हमले के लिए किया जा सकता है. इसमें लगे सेंसर रियल टाइम तस्वीरें भेज सकते हैं और लंबे समय तक हवाई निगरानी की जा सकती है. इस ड्रोन ने रूस-यूक्रेन युद्ध में भी रूसी सेना को काफी नुकसान पहुंचाया है.

पाकिस्तान ने एलओसी पर तैनात किए ड्रोन

रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता सिर्फ ड्रोन की मौजूदगी नहीं, बल्कि उससे जुटाई जाने वाली जानकारी भी है. एलओसी के पास लगातार उड़ान भरने से पाकिस्तानी ऑपरेटर इलाके की बनावट, सेना की आवाजाही और संवेदनशील जगहों की निगरानी व्यवस्था के बारे में जानकारी जुटा सकते हैं.

TB2 केवल निगरानी वाला ड्रोन नहीं है. यह सटीक निशाना लगाने वाले हथियार भी ले जा सकता है. ऐसे में जरूरत पड़ने पर निगरानी मिशन को हमले में बदला जा सकता है. पाकिस्तान के ड्रोन बेड़े में TB2 पहले से शामिल है और मुरीदके एयरबेस को ड्रोन संचालन के अहम केंद्र के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है.

भारत के खिलाफ तुर्की के हथियारों का इस्तेमाल?

रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के ड्रोन अभियान को कई सैन्य ठिकानों से मदद मिलती है. मुरीदके एक अहम ड्रोन केंद्र के रूप में सामने आया है, जबकि नूर खान एयरबेस रावलपिंडी के पास बड़ा सैन्य विमानन केंद्र है. रहीम यार खान एयरबेस दक्षिणी पाकिस्तान में आगे के अभियान के लिए इस्तेमाल होता है.

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पीओके के मुजफ्फराबाद और कोटली जैसे इलाकों के पास ड्रोन से जुड़े जमीनी नियंत्रण ढांचे और मोबाइल लॉन्च यूनिट तैनात किए जा रहे हैं. अगर इसकी पुष्टि होती है तो संवेदनशील इलाकों में लंबे समय तक निगरानी करना आसान हो सकता है.

भारत ने भी बढ़ाई तैयारी

पाकिस्तान की इस गतिविधि के बीच भारत अपने काउंटर-ड्रोन सिस्टम को मजबूत कर रहा है. सरकार के मुताबिक, भारत-पाकिस्तान सीमा के संवेदनशील इलाकों में एंटी-ड्रोन सिस्टम, इन्फ्रारेड सेंसर, निगरानी कैमरे और कमांड-एंड-कंट्रोल सिस्टम लगाए गए हैं.

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