नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने 2020 के दिल्ली दंगों की साजिश के मामले में आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम को मास्टरमाइंड बताया है. पुलिस ने दिल्ली हाईकोर्ट में दोनों की जमानत याचिकाओं का विरोध किया है. गुरुवार को सुनवाई के दौरान पुलिस ने कहा कि दोनों के खिलाफ दंगों की योजना बनाने, लोगों को जुटाने और दंगों में अहम भूमिका निभाने के सबूत मौजूद हैं.
पुलिस ने जमानत का किया विरोध
दिल्ली पुलिस ने कहा कि उमर खालिद और शरजील इमाम की नई जमानत याचिकाएं कोर्ट को गुमराह करने वाली हैं. पुलिस ने बताया कि जनवरी में सुप्रीम कोर्ट ने इसी मामले के कुछ सहआरोपियों को जमानत दी थी, लेकिन उमर खालिद और शरजील इमाम को राहत नहीं मिली थी. कोर्ट ने दोनों की भूमिका को दूसरे आरोपियों से अलग माना था.
पुलिस ने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में माना था कि इस मामले में यूएपीए की धारा 43डी(5) लागू होती है. इस धारा में जमानत के लिए सख्त शर्तें हैं.
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का दिया हवाला
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने जनवरी के फैसले में उमर खालिद और शरजील इमाम को दो स्थितियों में दोबारा जमानत याचिका दाखिल करने की अनुमति दी थी. इनमें अहम गवाहों के बयान दर्ज होने या सुप्रीम कोर्ट के फैसले को एक साल पूरा होने की स्थिति शामिल थी.
पुलिस का कहना है कि अभी इनमें से कोई भी शर्त पूरी नहीं हुई है. ऐसे में इस समय दोनों की नई जमानत याचिकाओं पर सुनवाई नहीं होनी चाहिए.
2020 के दिल्ली दंगों से जुड़ा है मामला
यह मामला 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर हुए दंगों से जुड़ा है. इन हिंसक घटनाओं में 50 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी और सैकड़ों लोग घायल हुए थे. उमर खालिद और शरजील इमाम गिरफ्तारी के बाद से जेल में बंद हैं.
ये भी पढ़ें- तिब्बत में 7 झीलों पर मंडरा रहा खतरा, कभी भी मचा सकती हैं तबाही! भारत-नेपाल के लिए क्यों बढ़ी टेंशन?