पाकिस्तान इस समय भीषण प्राकृतिक आपदा का सामना कर रहा है. पिछले 48 घंटों में लगातार मानसूनी बारिश ने उत्तरी पाकिस्तान में अचानक बाढ़ ला दी, जिससे कम से कम 340 लोगों की मौत हो गई है. अधिकारियों ने शनिवार को इसकी पुष्टि की. सबसे ज्यादा तबाही खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में देखी गई, जहां अकेले 324 लोग जान गंवा चुके हैं. मलबे और गहरे पानी में फंसे शवों को बचावकर्मियों को निकालने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है.
रिपोर्ट्स के अनुसार, अधिकांश मौतें अचानक आई बाढ़ और घरों के ढहने के कारण हुई हैं. अब तक कम से कम 137 लोग घायल पाए गए हैं. बह गई सड़कों, लगातार बारिश और भूस्खलन की वजह से प्रभावित इलाकों तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है.बुनेर, स्वात, शांगला, बट्टाग्राम, बाजौर और मनसेहरा सहित 9 जिलों में लगभग 2000 कर्मचारी राहत कार्यों में जुटे हैं.
प्रांतीय सरकार ने इन जिलों को आपदा प्रभावित क्षेत्र घोषित कर दिया है. खराब मौसम और बंद सड़कें बचाव अभियान को और मुश्किल बना रही हैं. कई जगह आपातकालीन टीमों को पैदल चलकर राहत कार्य करना पड़ रहा है. वहीं, कई प्रभावित लोग घर खाली करने से इनकार कर रहे हैं क्योंकि उनके प्रियजन मलबे में दबे हुए हैं.
राहत अभियान के दौरान हेलीकॉप्टर दुर्घटना
शुक्रवार को सरकारी राहत अभियान के दौरान खराब मौसम की वजह से एक हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया, जिसमें पांच लोग मारे गए. इसके अलावा, पाकिस्तान के कश्मीर क्षेत्र में 11 और गिलगिट-बाल्टिस्तान में 9 लोगों की मौत की खबर है.
स्थानीय लोगों के अनुभव
स्थानीय लोगों ने प्रलय जैसी स्थिति का अनुभव किया. बुनेर जिले के निवासी अजीजुल्लाह ने बताया, “पानी का बहाव इतना तेज था कि जमीन हिल रही थी. ऐसा लग रहा था जैसे दुनिया का अंत आ गया हो. मैंने तेज आवाज सुनी जैसे पहाड़ खिसक रहा हो. मैं बाहर भागा और देखा कि पूरा इलाका हिल रहा है.” स्थानीय लोग और बचावकर्मी दोनों ही इस भयानक बाढ़ की तबाही से भयभीत हैं. अधिकारियों ने लगातार राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं, लेकिन बारिश और भूस्खलन के कारण राहत अभियान धीमा चल रहा है.
यह भी पढ़ें: पाकिस्तानी राष्ट्रपति की कुर्सी को खतरा! आसिम मुनीर ने तोड़ी चुप्पी; ड्रैगन और अमेरिका के रिश्तों पर कही ये बात