पाकिस्तान में सेना प्रमुख असीम मुनीर के बारे में जुलाई से सोशल मीडिया पर चर्चा थी कि वे जल्द ही तख्तापलट कर सकते हैं और राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी को पद से हटा सकते हैं. हालांकि, मुनीर ने इन अफवाहों को पूरी तरह नकारते हुए कहा है कि यह सिर्फ राजनीति और मीडिया के माध्यम से पैदा की गई भ्रमित करने वाली खबरें हैं.
पाकिस्तानी आर्मी चीफ ने कहा कि “ये बातें हकीकत से कोसों दूर हैं और इनका मकसद केवल सरकार और सेना के खिलाफ माहौल बनाना है. मुझे किसी और ओहदे की चाह नहीं है. खुदा ने मुझे मुल्क का मुहाफिज बनाया है.”
अमेरिका और चीन के बीच संतुलन
असीम मुनीर ने विदेश नीति पर भी अपना रुख स्पष्ट किया. उनका कहना है कि पाकिस्तान अमेरिका और चीन दोनों के साथ संतुलन बनाए रखेगा. उनके शब्दों में, “हम एक दोस्त की खातिर दूसरे को कुर्बान नहीं करेंगे.” उन्होंने चीन को पाकिस्तान का पुराना और मजबूत सहयोगी बताते हुए कहा कि अमेरिका से नजदीकी बढ़ाने के लिए चीन को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.
मुनीर ने अमेरिका के साथ पाकिस्तान की बढ़ती नजदीकी की बात करते हुए कहा कि देश का हित सर्वोपरि है और इसमें किसी भी पुराने दोस्त को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए. उन्होंने यह भी बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की शांति प्रयासों की पाकिस्तान ने सराहना की और सबसे पहले उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित किया.
तख्तापलट पर स्पष्ट रुख
‘जंग’ मीडिया ग्रुप के वरिष्ठ कॉलमिस्ट सुहैल वार्राइच ने अपने ताजा कॉलम में लिखा कि ब्रुसेल्स में हुई मुलाकात के दौरान मुनीर ने स्पष्ट कहा कि ये सारी चर्चाएं झूठी हैं. उनका मानना है कि इन अफवाहों के पीछे वही ताकतें हैं, जो सरकार और सेना दोनों के खिलाफ हैं और देश में सियासी अराजकता फैलाना चाहती हैं. मुनीर ने यह भी कहा कि पाकिस्तान में सियासी मेल-मिलाप तभी संभव है जब सच्चे दिल से माफी मांगी जाए. उनके शब्दों से माना जा रहा है कि उनका इशारा पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) और जेल में बंद उसके नेता इमरान खान की ओर था.
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