मध्य एशिया में जारी तनाव के बीच अफगानिस्तान की राजधानी काबुल से एक बड़ी घटना सामने आई है. तालिबान प्रशासन ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तान की ओर से की गई एयर स्ट्राइक में भारी जनहानि हुई है. अफगान अधिकारियों के अनुसार इस हमले में अब तक करीब 400 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 250 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं.
बताया जा रहा है कि यह हमला सोमवार देर रात हुआ, जब काबुल में स्थित एक नशा मुक्ति केंद्र और उससे जुड़े अस्पताल परिसर को निशाना बनाया गया. बमबारी के बाद इमारत के बड़े हिस्से में आग लग गई और कई लोग मलबे में दब गए. बचाव दलों को घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य करने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा.
नशा मुक्ति केंद्र पर बमबारी का आरोप
अफगानिस्तान के इस्लामिक अमीरात के उप-प्रवक्ता हमदुल्ला फ़ितरत ने बताया कि सोमवार रात पाकिस्तान की सेना की ओर से काबुल में एक नशा मुक्ति केंद्र पर एयर स्ट्राइक की गई. उनके मुताबिक इस हमले के बाद भारी तबाही हुई और मृतकों की संख्या लगातार बढ़ती चली गई.
फ़ितरत के अनुसार, अब तक 400 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की गई है, जबकि लगभग 250 लोग घायल हुए हैं. कई घायलों को आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है और कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है.
BREAKING: The Afghan health ministry said 200 people were killed and hundreds others injured after Pakistan launched airstrikes on a drug rehabilitation hospital in Kabul, Afghanistan.
— AZ Intel (@AZ_Intel_) March 16, 2026
The Pakistan’s government rejected that they struck the hospital, claiming they targeted… pic.twitter.com/LenFAOyyYA
उन्होंने यह भी बताया कि हमले के बाद इमारत का बड़ा हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया. आग लगने के कारण बचाव कार्य में भी काफी समय लगा. राहत दल मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने और आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहे हैं.
अस्पताल का हिस्सा भी हुआ तबाह
अफगान अधिकारियों का कहना है कि जिस परिसर पर हमला हुआ, उसमें एक अस्पताल से जुड़ा ढांचा भी मौजूद था. बमबारी के बाद अस्पताल की इमारत का एक बड़ा हिस्सा नष्ट हो गया, जिससे अंदर मौजूद मरीजों और कर्मचारियों को भारी नुकसान पहुंचा.
हमले के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. स्थानीय लोगों और राहत कर्मियों ने मिलकर घायलों को अस्पतालों तक पहुंचाने की कोशिश की. कई लोग अब भी मलबे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है.
पाकिस्तान ने आरोपों को किया खारिज
तालिबान प्रशासन ने इस हमले के लिए सीधे तौर पर पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया है और इसे मानवता के खिलाफ कार्रवाई बताया है. अफगान अधिकारियों का कहना है कि नागरिक ठिकानों पर इस तरह के हमले अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन हैं.
हालांकि पाकिस्तान ने इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है. पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने किसी भी अस्पताल या नागरिक ठिकाने को निशाना नहीं बनाया है.
पाकिस्तान की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि सोमवार को काबुल और पूर्वी अफगानिस्तान के कुछ इलाकों में जो कार्रवाई की गई, उसमें केवल विशेष लक्ष्यों को ही निशाना बनाया गया था और किसी नागरिक स्थल को नुकसान नहीं पहुंचाया गया.
दोनों के बीच कई दिनों से बढ़ रहा तनाव
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच पिछले कुछ समय से तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. दोनों देशों के बीच सीमा क्षेत्रों को लेकर लंबे समय से विवाद बना हुआ है और हाल के दिनों में कई बार हमलों और जवाबी हमलों की खबरें सामने आई हैं.
बताया जा रहा है कि पिछले कई दिनों से दोनों देशों की तरफ से एक-दूसरे पर कार्रवाई की जा रही है. इन घटनाओं में अब तक सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है और कई इलाकों में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं.
अफगानिस्तान में यह एक सप्ताह के भीतर दूसरा बड़ा हमला बताया जा रहा है. इससे पहले भी सीमावर्ती इलाकों में बमबारी और सैन्य कार्रवाई की खबरें सामने आई थीं.
फरवरी से शुरू हुआ संघर्ष
दोनों देशों के बीच हालिया संघर्ष की शुरुआत 22 फरवरी को मानी जा रही है. उस समय पाकिस्तान की ओर से अफगानिस्तान के सीमावर्ती क्षेत्रों में एयर स्ट्राइक किए जाने की खबर सामने आई थी. इसके बाद से दोनों देशों के रिश्तों में और तनाव बढ़ गया.
इसके बाद कई बार सीमा के पास गोलीबारी और सैन्य कार्रवाई की घटनाएं सामने आईं, जिससे क्षेत्र की स्थिति और संवेदनशील हो गई है.
क्रिकेटर राशिद खान ने जताई नाराजगी
अफगानिस्तान पर हुए इस हमले को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रतिक्रिया सामने आने लगी है. अफगानिस्तान के मशहूर क्रिकेटर राशिद खान ने भी इस घटना पर नाराजगी जताई है.
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर हमले से जुड़े कुछ वीडियो साझा करते हुए इस घटना को गंभीर बताया और संयुक्त राष्ट्र से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की. राशिद खान ने कहा कि निर्दोष लोगों पर हमले किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किए जा सकते और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस पर ध्यान देना चाहिए.
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