Petrol-Diesel Price: LPG के बाद क्या बढ़ने वाली है पेट्रोल-डीजल की कीमत? सरकार ने दे दिया जवाब

इन दिनों सोशल मीडिया पर एक कथित सरकारी दस्तावेज तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने पेट्रोल के दाम में 10 रुपये और डीजल के दाम में 12.50 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी का आदेश जारी किया है.

Are the prices of petrol and diesel going to increase Fuel Price Today
प्रतिकात्मक तस्वीर/ FreePik

Petrol-Diesel Price Today: इन दिनों सोशल मीडिया पर एक कथित सरकारी दस्तावेज तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने पेट्रोल के दाम में 10 रुपये और डीजल के दाम में 12.50 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी का आदेश जारी किया है. इस दावे के सामने आते ही लोगों के बीच चिंता बढ़ गई, लेकिन सरकार की ओर से इस पर स्थिति साफ कर दी गई है.

Press Information Bureau (PIB) के फैक्ट चेक विभाग ने इस वायरल दावे को पूरी तरह फर्जी करार दिया है. PIB ने स्पष्ट कहा कि सरकार की ओर से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में किसी तरह की बढ़ोतरी का कोई आदेश जारी नहीं किया गया है. साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट और भ्रामक खबरों पर भरोसा न करें और उन्हें आगे शेयर करने से बचें.

LPG कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना

हालांकि, आधिकारिक सूत्रों के हवाले से यह जानकारी सामने आ रही है कि आने वाले समय में घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है. अनुमान है कि प्रति सिलेंडर 40 से 50 रुपये तक का इजाफा देखने को मिल सकता है. यदि ऐसा होता है, तो यह करीब चार साल बाद ईंधन की कीमतों में पहली बड़ी वृद्धि होगी.

इस संभावित बढ़ोतरी के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी को बड़ा कारण माना जा रहा है. हाल के दिनों में क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़कर 120 से 126 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं और 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं.

महंगाई पर पड़ सकता है असर

भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन ने भी इस मुद्दे पर चिंता जताई है. उनका कहना है कि यदि सामान्य से कम मॉनसून और ऊर्जा की बढ़ती कीमतें साथ आती हैं, तो आने वाले महीनों में महंगाई में तेज उछाल देखा जा सकता है. इससे आम लोगों पर दोहरी मार पड़ सकती है.

उन्होंने यह भी बताया कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव का भारत पर कई तरह से असर पड़ रहा है. इसमें तेल की कीमतों और आपूर्ति में उतार-चढ़ाव, व्यापार में बाधाएं, लॉजिस्टिक्स लागत का बढ़ना और विदेश से आने वाले रेमिटेंस में कमी जैसे कारक शामिल हैं. उनके मुताबिक यह स्थिति अल्पकालिक नहीं है, बल्कि लंबे समय तक असर डाल सकती है.

आपूर्ति और आयात पर निर्भरता चिंता का कारण

भारत अपनी LPG की करीब 60 प्रतिशत जरूरत आयात के जरिए पूरी करता है, जिसमें से लगभग 90 प्रतिशत आपूर्ति Strait of Hormuz के रास्ते आती है. यह समुद्री मार्ग फिलहाल बंद बताया जा रहा है, जिससे सप्लाई को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं. इसे विशेषज्ञों ने ‘काफी चुनौतीपूर्ण स्थिति’ करार दिया है.

सूत्रों के अनुसार, पिछले करीब चार वर्षों से खुदरा ईंधन कीमतों में बड़े बदलाव नहीं किए गए हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहा है. इसके चलते सरकारी तेल कंपनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है. अनुमान है कि पेट्रोल पर प्रति लीटर लगभग 20 रुपये और डीजल पर करीब 100 रुपये तक का नुकसान हो रहा है.

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