Indus Waters Treaty: गर्मी आते ही छूटने लगे पाकिस्तान के पसीने! सिंधु जल संधि के लिए UNSC में गिड़गिड़ाया

जैसे-जैसे गर्मी का मौसम तेज हो रहा है, पाकिस्तान की पानी को लेकर चिंता भी बढ़ती जा रही है. भारत से आने वाले नदी जल पर निर्भरता के कारण पाकिस्तान ने अब अंतरराष्ट्रीय मंच का रुख किया है.

Pakistan appeals to UNSC to restore Indus Water Treaty India
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Indus Waters Treaty: जैसे-जैसे गर्मी का मौसम तेज हो रहा है, पाकिस्तान की पानी को लेकर चिंता भी बढ़ती जा रही है. भारत से आने वाले नदी जल पर निर्भरता के कारण पाकिस्तान ने अब अंतरराष्ट्रीय मंच का रुख किया है. उसने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) से अपील की है कि भारत को सिंधु जल संधि के प्रावधानों को फिर से पूरी तरह लागू करने के लिए कहा जाए.

UNSC में उठाया गया मुद्दा

संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि आसिम इफ्तिखार अहमद ने इस मामले को औपचारिक रूप से उठाया. उन्होंने पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार का पत्र UNSC के अध्यक्ष जमाल फारेस अलरोवाई को सौंपा.

इस पत्र में पाकिस्तान ने मांग की कि सुरक्षा परिषद भारत पर दबाव बनाए, ताकि संधि के तहत डेटा साझा करने और अन्य सहयोगी प्रक्रियाओं को दोबारा शुरू किया जा सके. पाकिस्तान का तर्क है कि इस संधि का रुकना क्षेत्रीय शांति और मानवीय स्थिति के लिए खतरा बन सकता है.

भारत ने क्यों रोकी संधि?

भारत ने पिछले साल पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि को ‘स्थगित’ करने का निर्णय लिया था. इस हमले में 26 लोगों की जान गई थी.

इसके बाद भारत ने सख्त रुख अपनाते हुए यह स्पष्ट संदेश दिया कि आतंकवाद और सामान्य द्विपक्षीय समझौते एक साथ नहीं चल सकते. “खून और पानी साथ नहीं बह सकते” जैसे संदेश के जरिए भारत ने अपनी नीति को स्पष्ट किया.

पाकिस्तान के लिए क्यों अहम है सिंधु जल?

सिंधु जल प्रणाली पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था और दैनिक जीवन के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. सिंधु नदी के साथ-साथ झेलम और चिनाब जैसी नदियों का पानी मुख्य रूप से पाकिस्तान को मिलता है.

  • कृषि और सिंचाई का बड़ा हिस्सा इन्हीं नदियों पर निर्भर है
  • बिजली उत्पादन के लिए भी यह पानी अहम है
  • पीने के पानी की आपूर्ति में भी इनका योगदान बड़ा है

गर्मी के मौसम में पानी की मांग बढ़ने के साथ संकट भी गहराने लगता है, जिससे पाकिस्तान की चिंता और बढ़ जाती है.

बढ़ता तनाव और संभावित असर

भारत द्वारा संधि को स्थगित करने के बाद पाकिस्तान के सामने जल प्रबंधन की चुनौती और गंभीर हो गई है. अगर पानी की उपलब्धता में कमी आती है, तो इसका सीधा असर खेती, बिजली और आम जनजीवन पर पड़ सकता है.

दूसरी ओर, यह मुद्दा भारत-पाकिस्तान संबंधों में तनाव को और बढ़ा सकता है, क्योंकि जल संसाधन दोनों देशों के बीच एक संवेदनशील विषय रहा है.

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