अफगानिस्तान और भारत की दोस्ती से चिढ़ा पाकिस्तान, अचानक काबुल पर कर दी एयरस्ट्राइक...

गाज़ा पट्टी में चल रहे संघर्ष को समाप्त करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जो प्रयास हो रहे हैं, उनमें अब भारत की सक्रिय भागीदारी भी सामने आ रही है. इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार, 9 अक्टूबर 2025 को इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बातचीत की और गाज़ा शांति योजना में हुई हालिया प्रगति पर उन्हें शुभकामनाएं दीं.

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गाज़ा पट्टी में चल रहे संघर्ष को समाप्त करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जो प्रयास हो रहे हैं, उनमें अब भारत की सक्रिय भागीदारी भी सामने आ रही है. इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार, 9 अक्टूबर 2025 को इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बातचीत की और गाज़ा शांति योजना में हुई हालिया प्रगति पर उन्हें शुभकामनाएं दीं.

यह बातचीत ऐसे समय पर हुई है जब पीएम मोदी ने हाल ही में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी इसी विषय पर चर्चा की थी और गाज़ा में संघर्षविराम को लेकर उनके प्रयासों की सराहना की थी.

नेतन्याहू ने रोकी कैबिनेट बैठक, पीएम मोदी से की बातचीत

इज़राइल के प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने गाज़ा में युद्धविराम और बंधकों की रिहाई को लेकर चल रही सुरक्षा कैबिनेट की बैठक को कुछ समय के लिए स्थगित कर दिया ताकि वे भारत के प्रधानमंत्री से बातचीत कर सकें. इस बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने शांति प्रक्रिया में हुई प्रगति, विशेष रूप से बंधकों की रिहाई और गाज़ा के आम नागरिकों के लिए मानवीय सहायता के प्रयासों का स्वागत किया.

पीएम मोदी ने साझा किया संदेश

प्रधानमंत्री मोदी ने इस संवाद की जानकारी अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व ट्विटर) हैंडल पर साझा की. उन्होंने लिखा कि मैंने अपने मित्र प्रधानमंत्री नेतन्याहू से बात की और राष्ट्रपति ट्रंप की गाज़ा शांति योजना के तहत हुई प्रगति पर बधाई दी. हम बंधकों की रिहाई और गाज़ा के नागरिकों को मानवीय सहायता पहुंचाने की दिशा में हुए समझौते का समर्थन करते हैं. भारत की ओर से यह दोहराया गया कि आतंकवाद किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है.

भारत-इज़राइल दोस्ती पर फिर मुहर

इज़रायली PMO के बयान में इस बात का ज़िक्र भी किया गया कि प्रधानमंत्री मोदी ने नेतन्याहू को “भारत का सच्चा मित्र” बताया और दोनों देशों के बीच मजबूत रिश्तों की सराहना की. जवाब में पीएम नेतन्याहू ने भारत के समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया और दोनों नेताओं ने भविष्य में रणनीतिक सहयोग को और अधिक मज़बूत करने की इच्छा जताई.

कूटनीतिक संतुलन और भारत की भूमिका

इस घटना के ज़रिए भारत ने एक बार फिर यह साबित किया है कि वह वैश्विक शांति के मुद्दों पर न केवल विचार करता है, बल्कि अपनी भूमिका भी स्पष्टता से निभाता है. गाज़ा संघर्ष जैसे संवेदनशील मुद्दों पर भारत की संतुलित लेकिन स्पष्ट कूटनीति अंतरराष्ट्रीय मंच पर उसकी छवि को और सुदृढ़ करती है.

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