Surat News: सूरत एयरपोर्ट के विस्तार के लिए 25 साल पहले अधिग्रहित आभवा गांव की जमीन से जुड़े मामले में लंबे इंतजार के बाद आखिरकार राहत मिल गई है. उस समय किसानों को मुआवजा नहीं दिया गया था, लेकिन अब सरकार ने इस पुरानी फाइल पर मुहर लगा दी है और जमीन मालिकों को बाजार दर के हिसाब से मुआवजा देने का फैसला किया है. यह कदम उन किसानों के लिए एक बड़ी जीत है, जो वर्षों से इस मुआवजे के इंतजार में थे.
किसान अब पाएंगे पूरा मुआवजा
सूरत कलेक्टर के कार्यालय ने आभवा गांव के 14 सर्वे नंबरों से जुड़ी कुल 2.78 हेक्टेयर जमीन के मालिकों को मुआवजा देने के आदेश जारी कर दिए हैं. यह जमीन एयरपोर्ट के रनवे विस्तार के लिए अधिग्रहित की गई थी. राजस्व विभाग ने 24 सितंबर 2025 को इस मामले में आधिकारिक आदेश जारी करते हुए मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इससे उन किसानों को अब उनकी जमीन के सही दाम मिलने की उम्मीद जगी है.
वर्तमान बाजार दर के अनुसार होगा मुआवजा
मुआवजा 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून के तहत दिया जाएगा, जो बाजार दर मूल्यांकन पर आधारित है. इसके अलावा किसानों को 100 प्रतिशत अतिरिक्त राहत राशि (सोलैटियम) और पुनर्वास के भी लाभ मिलेंगे. इसका मतलब यह हुआ कि किसानों को उस वक्त की जमीन की कीमत नहीं, बल्कि आज के बाजार मूल्य के हिसाब से मुआवजा मिलेगा. इससे किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और उनकी हानि की भरपाई हो सकेगी.
सरकार की देरी से किसानों को होगा फायदा
हालांकि 25 साल से लंबित इस मामले में देरी हुई, लेकिन अंततः यह देरी जमीन मालिकों के लिए फायदेमंद साबित होगी. कोर्ट और सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे किसानों को अब अपनी मेहनत का फल मिलेगा. वहीं, इस फैसले से सरकार पर करोड़ों रुपये का अतिरिक्त बोझ भी आएगा, लेकिन किसानों के हित में यह कदम अत्यंत जरूरी था.
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