क्या है प्रेसिजन स्ट्राइक वेपन सिस्टम, जिसके इस्तेमाल से कांप उठे शहबाज-मुनीर?

Operation Sindoor: कश्मीर के पहलगाम में निर्दोष पर्यटकों पर हुए घातक हमले का बदला लेने के लिए भारत ने देर रात ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और PoK में स्थित नौ आतंकवादी अड्डों पर सटीक मिसाइल हमले किए.

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Operation Sindoor: कश्मीर के पहलगाम में निर्दोष पर्यटकों पर हुए घातक हमले का बदला लेने के लिए भारत ने देर रात ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और PoK में स्थित नौ आतंकवादी अड्डों पर सटीक मिसाइल हमले किए. इनमें से पाँच ठिकाने पीओके और चार पंजाब में थे. बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय पूरी तरह ध्वस्त हो गया, जबकि मसूद अजहर और हाफिज सईद से जुड़ी कई ट्रेनिंग कैंप्स नष्ट हो गयीं. इस सटीक और सीमित अभियान में भारतीय वायुसेना ने प्रेसिजन स्ट्राइक वेपन सिस्टम (PSWS) का इस्तेमाल किया, जिसने आतंकियों के ठिकानों को नेस्तनाबूद करते हुए आसपास के इलाक़ों में न्यूनतम क्षति सुनिश्चित की.

PSWS क्या है और क्यों खास

प्रेसिजन स्ट्राइक वेपन सिस्टम एक उच्च-प्रौद्योगिकी हथियार प्रणाली है, जिसे खास तौर पर दुश्मन के महत्वपूर्ण ठिकानों, भंडारी केंद्रों या कमांड पोस्ट जैसे लक्ष्यों को सटीकता से निशाना बनाने के लिए विकसित किया गया है. इसके मुख्य उद्देश्य हैं:

  • उच्च सटीकता: GPS, लेजर, रडार या इन्फ्रारेड गाइडेंस तकनीक का संयोजन, जिससे केवल टारगेट पर ही हमला हो.
  • न्यूनतम कोलैटरल डैमेज: आसपास के नागरिक इलाक़ों और नागरिकों को अनावश्यक नुकसान से बचाना.
  • सेफ स्टैंडऑफ़: ऑपरेटर या विमान से दूर सुरक्षित दूरी से मिसाइल लॉन्च करना, जिससे हमलावर बल का जोखिम कम हो जाता है.

तकनीकी अवयव और कार्यप्रणाली

गाइडेंस सिस्टम

  • GPS गाइडेंस: उपग्रह संकेतों के माध्यम से लक्ष्य की सटीक निर्देशांकों तक मिसाइल को मार्गदर्शित करना.
  • लेजर गाइडेंस: लक्ष्य पर लेजर बीम फोकस कर मिसाइल को भीतर कुछ मीटर की त्रुटि मार्जिन के साथ निर्देशित करना.
  • रडार/इन्फ्रारेड होमिंग: रडार या हीट सिग्नेचर को ट्रैक कर गतिशील लक्ष्यों पर वार.

इंटेलिजेंस-सर्विलांस एकीकरण (ISR)

ड्रोन, सैटेलाइट और ग्राउंड रडार के डेटा को वास्तविक समय में प्रोसेस कर टारगेट पाए जाते हैं. ऑपरेशन से पहले और दौरान निरंतर फीडबैक, जिससे हमले का समय, कोण और ऊँचाई अद्यतन रहते हैं. लॉन्च प्लेटफ़ॉर्म वायुसेना के लड़ाकू विमानों (जैसे मिसाइल से लैस सुखोई या मिग) जमीन से लॉन्च करने वाले मोबाइल लांचर्स या नौसेना के शिपबोर्न सिस्टम

‘ऑपरेशन सिंदूर’ में PSWS का महत्व

सटीक वार: बहावलपुर, कोटली, मुरीदके, बाघ और मुजफ्फराबाद में आतंकियों के अड्डों पर मिसाइल सीधे उनके मुख्य भवनों व गोदामों को टारगेट कर पहुंची. कम तादाद में हाई इम्पैक्ट: हर मिसाइल की मारक क्षमता का अधिकतम उपयोग, जिससे कम संख्या में लॉन्च किए गए हथियारों ने बड़े पैमाने पर विध्वंस मचाया. राजनैतिक और मानवीय संदेश: आतंक के तार-तार केंद्रों पर बिना आम जनजन को प्रभावित किए सटीक कार्रवाई, यह दर्शाता है कि भारत गैर-प्रवासी नागरिकों की सुरक्षा और युद्ध की नैतिक सीमाओं का पूरा ध्यान रखता है.

‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने दिखा दिया कि आधुनिक युद्ध में तकनीक ही सफलता की कुंजी है. PSWS जैसे सिस्टम सीमित संसाधनों से अधिकतम प्रभाव डालने में सहायक सिद्ध होते हैं, और आगे भी आतंकवादियों के ठिकानों पर ऐसी सटीक कार्रवाई का विकल्प मुश्किल से मुश्किल चुनौती भी हल कर सकता है.

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