भारत की सहनशीलता को कमजोरी न समझें... ऑपरेशन सिंदूर पर NSA डोभाल का सख्त संदेश, जानें क्या कहा

Ajit Doval On OP Sindoor: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने साफ कहा कि भारत की उदारता और सहनशीलता को उसकी कमजोरी नहीं समझना चाहिए. भारत जरूरत पड़ने पर जोखिम उठाने और कड़ा जवाब देने की क्षमता रखता है.

NSA ajit Doval strong message on Operation Sindoor know what he said
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Ajit Doval On OP Sindoor: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने साफ कहा कि भारत की उदारता और सहनशीलता को उसकी कमजोरी नहीं समझना चाहिए. भारत जरूरत पड़ने पर जोखिम उठाने और कड़ा जवाब देने की क्षमता रखता है.

डोभाल ने यह बात डिस्कवरी की आने वाली डॉक्यूमेंट्री सीरीज 'डिक्लासिफाइड: ऑपरेशन सिंदूर' में कही है. इस बातचीत में उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के पीछे की रणनीति और इसके मकसद को लेकर भी जानकारी दी.

क्या था ऑपरेशन सिंदूर का मकसद?

अजीत डोभाल के मुताबिक, करीब 88 घंटे तक चले इस सैन्य अभियान का मुख्य उद्देश्य उन आतंकी ठिकानों को निशाना बनाना था, जिनका संबंध पहलगाम आतंकी हमले से था. उन्होंने बताया कि भारत ने ऑपरेशन की शुरुआत से ही अपना लक्ष्य स्पष्ट रखा था. 

इसका मकसद दुश्मन के उन ठिकानों को नष्ट करना था, जहां से आतंकियों को मदद और समर्थन मिल रहा था. खास तौर पर उन ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिन्हें पहलगाम हमले के लिए जिम्मेदार माना गया. ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह डोभाल का पहला इंटरव्यू बताया जा रहा है, जिसमें उन्होंने इस सैन्य कार्रवाई को लेकर विस्तार से बात की है.

'भारत की सहनशीलता को कमजोरी न समझें'

डोभाल ने भारत की नीति को लेकर भी स्पष्ट संदेश दिया. उन्होंने कहा कि भारत लंबे समय से शांति और सहनशीलता में विश्वास करता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि देश किसी भी चुनौती के सामने कमजोर है.

उन्होंने कहा कि भारत जरूरत पड़ने पर जोखिम उठा सकता है और दुश्मन के खिलाफ कड़ा कदम भी उठा सकता है. इसका मतलब साफ है कि भारत अपनी सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी तरह का समझौता करने के लिए तैयार नहीं है.

डॉक्यूमेंट्री में दिखेगा ऑपरेशन सिंदूर का पूरा घटनाक्रम

डिस्कवरी की यह डॉक्यूमेंट्री दो हिस्सों में होगी. इसमें ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े फैसलों और घटनाओं को सामने लाने की कोशिश की गई है. डॉक्यूमेंट्री में देश के सैन्य और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों की बातें भी शामिल हैं. इसमें उन अधिकारियों के अनुभव बताए जाएंगे, जिन्होंने ऑपरेशन के दौरान भारत की जवाबी कार्रवाई की निगरानी की थी.

डिस्कवरी के मुताबिक, अजीत डोभाल डॉक्यूमेंट्री में सैन्य कार्रवाई के पीछे लिए गए फैसलों और ऑपरेशन को पूरा करने की रणनीति पर भी बात करेंगे. इससे दर्शकों को यह समझने में मदद मिलेगी कि भारत ने इस पूरे अभियान की तैयारी और उसे लागू करने का फैसला किस तरह लिया.

कब शुरू हुआ था ऑपरेशन सिंदूर?

ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत 7 मई की सुबह हुई थी. यह कार्रवाई 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए घातक आतंकी हमले के बाद की गई थी. पहलगाम हमले के बाद भारत ने आतंकवाद के खिलाफ कड़ा जवाब देने का फैसला किया. 

ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में मौजूद कई आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए. भारत की ओर से की गई इस कार्रवाई का मकसद आतंकी ढांचे को निशाना बनाना था. इसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य तनाव तेजी से बढ़ गया.

88 घंटे तक चला भारत-पाकिस्तान सैन्य तनाव

ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान की ओर से भी भारत के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की गई. इसके जवाब में भारत ने भी कई कदम उठाए. दोनों देशों के बीच करीब 88 घंटे तक सैन्य टकराव की स्थिति बनी रही.

दोनों देश परमाणु हथियार रखने वाले पड़ोसी हैं, इसलिए इस पूरे घटनाक्रम पर दुनिया की नजर बनी हुई थी. आखिरकार 10 मई की शाम दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी और सैन्य कार्रवाई को रोक दिया गया.

कब आएगी 'डिक्लासिफाइड: ऑपरेशन सिंदूर'?

ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े कई अहम पहलुओं को सामने लाने वाली डॉक्यूमेंट्री 'डिक्लासिफाइड: ऑपरेशन सिंदूर' का प्रीमियर शनिवार रात 9 बजे होगा. इसे डिस्कवरी चैनल के साथ-साथ डिस्कवरी पर भी देखा जा सकेगा.

डॉक्यूमेंट्री में अजीत डोभाल समेत सुरक्षा और सैन्य नेतृत्व से जुड़े लोगों की बातचीत को शामिल किया गया है. ऐसे में ऑपरेशन सिंदूर की रणनीति और भारत की जवाबी कार्रवाई को समझने के लिहाज से यह सीरीज काफी अहम मानी जा रही है.

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