Nigeria Gunmen Attack: नाइजीरिया के उत्तर-पश्चिमी राज्य कडुना में एक बार फिर हिंसा ने भयावह रूप ले लिया. काउरा काउंसिल क्षेत्र के नारिडोन गांव में रविवार देर रात अज्ञात बंदूकधारियों ने अचानक हमला कर दिया, जिसमें कम से कम 30 लोगों की मौत हो गई और कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. इस हमले के बाद पूरे गांव में दहशत फैल गई है. घायल ग्रामीणों का अस्पताल में इलाज जारी है, जबकि मृतकों के शव पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया के लिए अस्पताल में रखे गए हैं. लगातार हो रहे ऐसे हमलों ने नाइजीरिया की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
पिछले साल भी बना था यही गांव निशाना
स्थानीय नागरिक समाज संगठन सदर्न कडुना पीस एंड सिक्योरिटी नेटवर्क के अध्यक्ष डेरेक क्रिस्टोफर ने बताया कि यह पहली बार नहीं है जब नारिडोन गांव हिंसा का शिकार बना हो. उन्होंने कहा कि लगभग इसी समय पिछले वर्ष भी इस गांव पर हमला हुआ था, लेकिन उसके बाद भी सुरक्षा व्यवस्था में कोई ठोस बदलाव नहीं किया गया. उनका आरोप है कि सरकार इस क्षेत्र के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में असफल रही है, जिसके कारण ग्रामीण लगातार भय के साये में जीवन बिताने को मजबूर हैं. उनका कहना है कि बार-बार होने वाले हमलों के बावजूद प्रशासन की रणनीति प्रभावी साबित नहीं हुई.
गांव में पसरा मातम, घायलों का जारी है इलाज
हमले के बाद गांव का माहौल पूरी तरह शोक और तनाव में बदल गया है. स्थानीय निवासी राफेल जोशुआ के अनुसार, घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है. वहीं मृतकों के अंतिम संस्कार की तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं. इस घटना में कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है, जिससे पूरे इलाके में मातम का माहौल है. ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें अब अपनी सुरक्षा और भविष्य दोनों को लेकर गहरी चिंता सता रही है.
हमले के पीछे कौन, अब तक नहीं हुआ खुलासा
इस हमले की जिम्मेदारी अभी तक किसी संगठन ने नहीं ली है, जिससे हमलावरों की पहचान स्पष्ट नहीं हो सकी है. हालांकि सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि उत्तर-पश्चिम और उत्तर-मध्य नाइजीरिया में सक्रिय सशस्त्र गिरोह, जिन्हें स्थानीय भाषा में 'बैंडिट' कहा जाता है, इस तरह की घटनाओं को अंजाम देते रहे हैं. ये गिरोह अक्सर गांवों पर हमला करने, लोगों का अपहरण करने और फिरौती वसूलने जैसी वारदातों में शामिल रहते हैं. अधिकारियों के मुताबिक, इनमें बड़ी संख्या उन पूर्व पशुपालकों की है जिन्होंने संसाधनों और जमीन को लेकर किसानों के साथ लंबे संघर्ष के बाद हथियार उठा लिए.
लगातार बढ़ती हिंसा बनी चुनौती
नाइजीरिया लंबे समय से कई तरह की सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है. जहां उत्तर-पूर्वी इलाकों में बोको हराम और इस्लामिक स्टेट वेस्ट अफ्रीका प्रोविंस जैसे उग्रवादी संगठन सक्रिय हैं, वहीं उत्तर-पश्चिम और उत्तर-मध्य क्षेत्रों में बैंडिट गिरोहों की हिंसा लगातार बढ़ती जा रही है. विशेषज्ञों का मानना है कि अलग-अलग क्षेत्रों में सक्रिय इन सशस्त्र समूहों के कारण आम नागरिक सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं. लगातार हो रहे हमले यह संकेत देते हैं कि देश में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और ग्रामीण इलाकों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए व्यापक और प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है.
ये भी पढ़ें: पहले सोना बेचा, अब हीरों की नीलामी... यूक्रेन जंग से रूस में आर्थिक संकट! खाली हो रही पुतिन की तिजोरी?