PM Modi China Visit: एक बार फिर एशिया के दो प्राचीन सभ्यताओं वाले देश भारत और चीन, सांस्कृतिक सेतु के ज़रिए नज़दीक आते दिख रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज एक अहम मिशन पर चीन रवाना हो गए हैं, जहां वे 31 अगस्त से 1 सितंबर तक शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे. लेकिन यह यात्रा केवल राजनीतिक या कूटनीतिक उद्देश्य तक सीमित नहीं है, यह एक सांस्कृतिक संवाद की नई शुरुआत भी बन सकती है.
यात्रा से पहले ही भारत स्थित चीनी दूतावास ने एक दिलचस्प पहल करते हुए सोशल मीडिया पर एक सांस्कृतिक संदेश साझा किया. दूतावास की प्रवक्ता यू जिंग ने लिखा कि चीन की तांग वंशकालीन कलाओं और मोगाओ गुफाओं में भगवान गणेश की छवियाँ पाई गई हैं. यह एक ऐतिहासिक प्रमाण है कि भारत और चीन सदियों पहले से ही न केवल व्यापार, बल्कि कला, आस्था और संस्कृति के क्षेत्र में भी साझेदार रहे हैं.
Ganesha’s image can be found in China's Tang Dynasty and the Mogao Caves!
— Yu Jing (@ChinaSpox_India) August 29, 2025
A beautiful reminder of how China & India shared art, faith, and culture centuries ago. 🌏✨ #ChinaIndia pic.twitter.com/KLuY15dDIV
पुराने रिश्तों में नई जान
चीन स्थित भारतीय दूतावास ने भी दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक संबंधों को रेखांकित करते हुए बताया कि भारत-चीन के बीच संपर्कों का इतिहास दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व तक जाता है. इन संबंधों की नींव बौद्ध धर्म, व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर टिकी रही है.
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा समय में जब वैश्विक राजनीति में अस्थिरता है और भारत-अमेरिका के बीच टैरिफ को लेकर खींचतान चल रही है, तब भारत और चीन के लिए एक स्थिर और भरोसेमंद सांस्कृतिक पुल का निर्माण बेहद आवश्यक है. प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा इसी दिशा में एक सकारात्मक संकेत के रूप में देखी जा रही है.
भारत की छाप चीन की धरती पर
चीन के गांसु प्रांत में स्थित दुनहुआंग की मोगाओ गुफाएं हों या शिनजियांग की किजिल और बेजेक्लिक गुफाएं, हर कोने में भारतीय बौद्ध कला की गूंज सुनाई देती है. लुयांग की लोंगमेन गुफाएं, दात्सु की बाओदिंग गुफाएं और युंगांग की विशाल मूर्तियां, सभी इस बात का प्रमाण हैं कि दोनों देशों की सांस्कृतिक धारा कितनी गहराई से एक-दूसरे में रची-बसी है. यहां तक कि बीजिंग में स्थित फाइव पगोडा मंदिर और लुयांग का व्हाइट हॉर्स मंदिर भारत-चीन के ऐतिहासिक और आध्यात्मिक रिश्तों का प्रतीक हैं.
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