Kosi River Bridge: खगड़िया जिले के गोगरी के बीरबास गांव के पास कोसी नदी पर एक नया पीपा पुल बना दिया गया है. लगभग 500 मीटर लंबा यह पुल 25 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार हुआ है और इसके बन जाने से खगड़िया और आसपास के जिलों के लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है. इस पुल का उद्देश्य क्षेत्रीय परिवहन को सुलभ बनाना और कई जिलों के बीच यातायात की दूरी को कम करना है.
यह पीपा पुल न केवल खगड़िया जिले के लोगों के लिए फायदेमंद है, बल्कि मधेपुरा, मुंगेर और भागलपुर जैसे जिलों के लोगों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा. लगभग एक लाख लोग जो अब तक नदी पार करने के लिए नाव या लंबी यात्रा का सहारा लेते थे, उन्हें अब सीधे पुल से यात्रा करने की सुविधा मिल सकेगी. इससे क्षेत्रीय संपर्क मजबूत होगा और लोगों की यात्रा में समय की बचत होगी.
इस पुल के निर्माण से कुल मिलाकर कम से कम 25 दियारा गांवों के निवासियों को सुविधा मिलेगी. विशेषकर उन गांवों के लोगों के लिए जो नदी के पार स्थित अन्य क्षेत्रों से जुड़ने के लिए लंबे समय से संघर्ष कर रहे थे. अब उन्हें नावों या कच्चे रास्तों का सहारा नहीं लेना पड़ेगा. यह पुल क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगा और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा.
वर्षों पुरानी मांग पूरी होगी
परबत्ता विधानसभा क्षेत्र के लोजपा (रामविलास) विधायक बाबूलाल शौर्य ने कहा कि यह पुल इलाके के लोगों की वर्षों पुरानी मांग थी, जो अब पूरी हो गई है. उन्होंने बताया कि पुल के बनने से इलाके के स्थानीय लोगों को आने-जाने में बहुत बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा. यह न केवल उनकी रोजमर्रा की जिंदगी को आसान करेगा बल्कि उनकी आर्थिक गतिविधियों को भी गति देगा. शौर्य ने कहा, "पुल चालू होने के बाद यहां के लोग तेजी से एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंच सकेंगे और उनका समय भी बच सकेगा."
28 जनवरी से वाहनों के लिए खुलेगा पुल
यह पीपा पुल 28 जनवरी से वाहनों के लिए खोलने की योजना है. अगर सब कुछ तय समय पर हुआ तो उस दिन से पुल पर वाहन परिचालन शुरू हो जाएगा. इसके बाद यह क्षेत्र के यातायात को पूरी तरह से बदल देगा. पहले जो लोग नदी पार करने के लिए नावों या लम्बे रास्तों का सहारा लेते थे, अब वे इस पुल का उपयोग करके आसानी से अपनी यात्रा पूरी कर सकेंगे.
दूरी में कमी और यात्रा में आसानी
यह पुल खासतौर पर खगड़िया और मधेपुरा के बीच यात्रा को बहुत आसान बना देगा. पुल के बन जाने के बाद खगड़िया और मधेपुरा के बीच की दूरी अब केवल 25 किलोमीटर रह जाएगी. वर्तमान में, आलमनगर जाने के लिए यात्रा की दूरी करीब 70 किलोमीटर तक हो जाती थी, लेकिन इस पुल के बन जाने से यह दूरी घटकर केवल 25 किलोमीटर रह जाएगी. इससे समय की बचत होगी और यात्री अपने गंतव्य तक जल्दी पहुंच सकेंगे.
यह पुल दोनों जिलों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी स्थापित करेगा और इलाके के निवासियों को अपनी आवाजाही में कम दूरी तय करनी होगी. साथ ही, इससे स्थानीय व्यापार और परिवहन को भी बढ़ावा मिलेगा. इस पुल के निर्माण से कृषि और अन्य उत्पादों की आवाजाही में भी तेजी आएगी, जिससे आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा.
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