पाकिस्तान में लड़के भी सेफ नहीं! बच्चों का शोषण करने वाले नेटवर्क का भंडाफोड़, 600 वीडियो बरामद

पाकिस्तान से सामने आया एक मामला मानवता को झकझोर देने वाला है. देश की साइबर अपराध एजेंसियों ने बच्चों के यौन शोषण से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है.

Network exploiting children busted in Pakistan 600 videos recovered
प्रतिकात्मक तस्वीर/ FreePik

पाकिस्तान से सामने आया एक मामला मानवता को झकझोर देने वाला है. देश की साइबर अपराध एजेंसियों ने बच्चों के यौन शोषण से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है. जांच एजेंसियों को इस कार्रवाई के दौरान 600 से अधिक आपत्तिजनक वीडियो बरामद हुए हैं, जिनमें नाबालिगों का शोषण किया गया था. यह मामला न सिर्फ साइबर अपराध की गंभीरता को उजागर करता है, बल्कि बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर मौजूद खतरों की भी याद दिलाता है.

पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस नेटवर्क से जुड़े एक मुख्य आरोपी को रावलपिंडी से हिरासत में लिया गया है. आरोपी की पहचान तैमूर महमूद के रूप में बताई गई है, जो पंजाब प्रांत के मुरी इलाके का रहने वाला है. उसे नेशनल साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NCCIA) ने एक विशेष ऑपरेशन के तहत गिरफ्तार किया.

सोशल मीडिया के जरिए बच्चों को फंसाने का तरीका

जांच अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर खुद को लड़की बताकर नाबालिग लड़कों से संपर्क करता था. धीरे-धीरे उनसे दोस्ती कर वह उन्हें निजी तस्वीरें और वीडियो साझा करने के लिए उकसाता था. इसके बाद इन वीडियो और तस्वीरों का इस्तेमाल कर वह पीड़ित बच्चों को धमकाता और ब्लैकमेल करता था.

जांच में सामने आया है कि आरोपी अकेला नहीं था. उसके मोबाइल फोन से मिले डिजिटल सबूतों के आधार पर पता चला कि वह अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर कई व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए बच्चों से जुड़ा आपत्तिजनक कंटेंट स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साझा कर रहा था. इन ग्रुप्स के जरिए वीडियो और तस्वीरें आगे फैलायी जाती थीं, जिससे नेटवर्क का दायरा और बड़ा हो गया.

ब्लैकमेल कर वसूली, कई बच्चे बने शिकार

अधिकारियों का कहना है कि आरोपी बच्चों को मानसिक दबाव में डालकर उनसे पैसों की मांग भी करता था. कई पीड़ित डर और शर्म के कारण सामने नहीं आ पा रहे थे. इस तरह के मामलों में बच्चे अक्सर सामाजिक दबाव और बदनामी के डर से शिकायत दर्ज नहीं कराते, जिसका फायदा ऐसे अपराधी उठाते हैं.

इस मामले में आरोपी और व्हाट्सएप ग्रुप के एडमिन के खिलाफ पाकिस्तान के प्रिवेंशन ऑफ इलेक्ट्रॉनिक क्राइम्स एक्ट (PECA) के तहत केस दर्ज किया गया है. एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं और यह गिरोह कितने समय से सक्रिय था.

डार्क वेब से कनेक्शन की भी जांच

जांच एजेंसियों ने इस केस को और गंभीर मानते हुए यह भी जांच शुरू कर दी है कि क्या इस नेटवर्क का संबंध डार्क वेब से जुड़े किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय गिरोह से है. NCCIA अधिकारियों के अनुसार, डिजिटल फॉरेंसिक टीम आरोपी के उपकरणों से मिले डेटा की गहराई से जांच कर रही है. आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और लोगों की गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है.

अधिकारियों का कहना है कि बच्चों के शोषण से जुड़े नेटवर्क अक्सर सीमाओं से परे काम करते हैं और अलग-अलग देशों में फैले होते हैं. इसलिए अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ भी सहयोग की जरूरत पड़ सकती है.

पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले

इस महीने की शुरुआत में भी NCCIA ने इस्लामाबाद के PWD इलाके में छापा मारकर शोएब नाम के एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया था. उस पर भी नाबालिगों से जुड़ा आपत्तिजनक कंटेंट फैलाने का आरोप था. उसके पास से बरामद मोबाइल फोन में बच्चों से जुड़े कई वीडियो पाए गए थे. उस मामले में भी PECA कानून के तहत कार्रवाई की गई है और जांच अभी जारी है.

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