नेतन्याहू का खौलेगा खून! क्या बड़े युद्ध की तैयारी कर रहा हमास? 30 हजार नए लड़ाकों की भर्ती से बढ़ी टेंशन

इजरायल के साथ लंबे समय से जारी संघर्ष के बीच फिलिस्तीनी गुट हमास ने एक बड़ा फैसला लेते हुए गाजा पट्टी में नए लड़ाकों की भर्ती शुरू कर दी है.

Netanyahu Hamas preparing for war recruitment of 30 thousand new fighters
प्रतीकात्मक तस्वीर | Photo: Freepik

इजरायल के साथ लंबे समय से जारी संघर्ष के बीच फिलिस्तीनी गुट हमास ने एक बड़ा फैसला लेते हुए गाजा पट्टी में नए लड़ाकों की भर्ती शुरू कर दी है. यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है जब संगठन को भारी सैन्य नुकसान के साथ-साथ गंभीर वित्तीय संकट का भी सामना करना पड़ रहा है. रिपोर्टों के अनुसार हमास की सशस्त्र शाखा अल-कसम ब्रिगेड करीब 30 हजार नए युवाओं की भर्ती कर रही है. इस बार भर्ती होने वाले लड़ाकों को पारंपरिक सैन्य ट्रेनिंग नहीं, बल्कि छापामार युद्ध की रणनीतियों पर प्रशिक्षित किया जा रहा है.

हमास को अपने लड़ाकों को वेतन देना भी मुश्किल

इजरायली मीडिया और सऊदी न्यूज़ नेटवर्क अल-हदथ के हवाले से बताया गया है कि इस नई रणनीति के पीछे हमास की वह सोच है जो उसे लंबी लड़ाई के लिए तैयार रहने की दिशा में ले जा रही है. अब संगठन पारंपरिक मोर्चों के बजाय छिपकर वार करने, दुश्मन को भ्रमित करने और शहरों के बीच लड़ाई लड़ने जैसी रणनीतियों पर जोर देगा. गाजा में व्यापक तबाही और संसाधनों की कमी के चलते हमास को अपने लड़ाकों को वेतन देना भी मुश्किल हो गया है. वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट भी इसी ओर इशारा करती है कि संगठन बुनियादी संसाधनों से जूझ रहा है, फिर भी लड़ाई में पीछे हटने के बजाय वह खुद को एक नए युद्ध ढांचे में ढालने की कोशिश कर रहा है.

गौरतलब है कि हमास 2007 से गाजा पट्टी पर शासन कर रहा है. चुनावों में जीत और फिर विरोधियों को हिंसक तरीके से बाहर करने के बाद उसने इस क्षेत्र पर नियंत्रण स्थापित किया था. इसके बाद अक्टूबर 2023 में इजरायल पर हमले के साथ संघर्ष ने एक और खतरनाक मोड़ ले लिया. इस हमले के जवाब में इजरायली सेना की कार्रवाई ने गाजा को तबाही के मुहाने पर ला खड़ा किया. युद्धविराम की कोशिशें कई बार हुईं, लेकिन मार्च 2024 में युद्धविराम टूटने के बाद से लड़ाई दोबारा तेज हो गई. पिछले कुछ ही हफ्तों में गाजा में करीब 1,800 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 4,800 से अधिक लोग घायल हुए हैं. वहीं युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 51 हजार से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं और एक लाख से अधिक लोग घायल हैं.

गाजा अब सिर्फ एक युद्धक्षेत्र नहीं रहा

इन आंकड़ों से साफ है कि गाजा अब सिर्फ एक युद्धक्षेत्र नहीं रहा, बल्कि यह मानवता की एक खुली परीक्षा बन गया है. इन परिस्थितियों में हमास का यह कदम कि वह नई भर्तियों के सहारे अपनी सैन्य शक्ति को बनाए रखने की कोशिश कर रहा है, क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े करता है. आर्थिक रूप से टूट चुके एक संगठन का युद्ध में डटे रहना और नई रणनीति के तहत हजारों युवाओं को शामिल करना, इस बात का संकेत है कि आने वाले समय में गाजा और अधिक अस्थिर हो सकता है.

हमास के इस कदम से गाजा पट्टी में एक बार फिर सैन्य गतिविधियों का नया दौर शुरू होने की आशंका बढ़ गई है. यह स्पष्ट है कि जब तक राजनीतिक समाधान नहीं निकलता, तब तक यह लड़ाई सिर्फ सीमा पर नहीं, लोगों की जिंदगी के हर हिस्से में लड़ी जाती रहेगी.

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