Nepal Rain Alert: नेपाल में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है. मौसम विभाग की चेतावनी के बाद सरकार ने काठमांडू घाटी में तीन दिनों के लिए गाड़ियों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी है. भारी बारिश से होने वाले भूस्खलन और बाढ़ के खतरे को देखते हुए यह कड़ा कदम उठाया गया है ताकि लोगों की जान और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.
तीन दिन का लॉकडाउन
नेपाल की राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) ने शनिवार से सोमवार तक काठमांडू घाटी में वाहनों की आवाजाही पर पाबंदी लगाई है. गृह मंत्रालय ने रविवार और सोमवार को पूरे देश में दो दिन की सार्वजनिक छुट्टी भी घोषित की है. हालांकि, आवश्यक सेवाओं और आपदा प्रबंधन विभाग के कर्मियों के लिए यह अवकाश लागू नहीं होगा.
कई जिलों के लिए रेड अलर्ट
मौसम विज्ञान विभाग के महानिर्देशक कमल राम जोशी ने बताया कि देश के कई जिलों में भारी बारिश की आशंका है. सुनसारी, महोत्तरी, सिरहा, धनुषा, ललितपुर, भक्तपुर, चितवन जैसे 17 जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है. मानसूनी सिस्टम नेपाल के मध्य भाग में प्रवेश कर चुका है, जिससे अगले 24 घंटों में तेज बारिश की संभावना है.
बाढ़ का खतरा मंडराया
ऊर्जा, जल संसाधन और सिंचाई मंत्रालय के अनुसार, नारायणी, बागमती, कमला और कोशी नदियों का जलस्तर खतरनाक स्तर तक पहुंचने का अनुमान है. छोटे नाले और पहाड़ी धाराओं में अचानक बाढ़ आ सकती है, जिससे स्थानीय लोगों को विशेष सतर्कता बरतनी होगी.
सरकार ने यातायात पर लगाई पाबंदी
प्रशासन ने काठमांडू से हेतौडा मार्ग पर रात के समय वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी है. कांति हाईवे और हेतौडा–भैसे–काठमांडू मार्ग को भी रात में बंद रखा जाएगा. गृह मंत्री ओम प्रकाश अर्याल ने सभी जिलों के अधिकारियों को राहत और बचाव कार्यों को जन-केन्द्रित और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए हैं.
यात्रा से बचने की अपील
राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण प्राधिकरण ने लोगों से अपील की है कि वे 3 से 6 अक्टूबर के बीच रात में यात्रा न करें और अनावश्यक लंबी दूरी की यात्रा टालें. आपातकालीन सेवाओं के लिए प्रशासन हर समय तत्पर है, लेकिन जनता की सतर्कता और सहयोग बेहद जरूरी है.
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