नेपाल की जनसंख्या में बड़ा बदलाव! हिंदुओं की संख्या में गिरावट से बढ़ी चिंता, जानें मुस्लिमों की क्या है स्थिति

Nepal Birth Rate: राजनीतिक उथल-पुथल और विरोध प्रदर्शनों के बीच, नेपाल की जनसांख्यिकीय स्थिति एक नई दिशा की ओर इशारा कर रही है. जनसंख्या वृद्धि दर से लेकर धार्मिक समीकरण तक, नेपाल में सामाजिक संरचना में कई सूक्ष्म लेकिन महत्वपूर्ण बदलाव दर्ज किए जा रहे हैं.

Nepal changing population picture concern increases due to decline in the number of Hindus
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Nepal Birth Rate: राजनीतिक उथल-पुथल और विरोध प्रदर्शनों के बीच, नेपाल की जनसांख्यिकीय स्थिति एक नई दिशा की ओर इशारा कर रही है. जनसंख्या वृद्धि दर से लेकर धार्मिक समीकरण तक, नेपाल में सामाजिक संरचना में कई सूक्ष्म लेकिन महत्वपूर्ण बदलाव दर्ज किए जा रहे हैं.

भले ही यह देश पारंपरिक रूप से एक हिंदू बहुल राष्ट्र रहा हो, लेकिन अब इसकी धार्मिक विविधता और प्रजनन दर में आ रहे परिवर्तन विशेषज्ञों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं.

नेपाल की कुल जनसंख्या और धार्मिक आधार

2021 की जनगणना के अनुसार, नेपाल की कुल जनसंख्या लगभग 2.97 करोड़ है. इसमें से 2.36 करोड़ लोग हिंदू धर्म का पालन करते हैं, जो कुल आबादी का बड़ा हिस्सा है. हालांकि, बीते कुछ दशकों में धार्मिक संरचना में बदलाव की प्रक्रिया देखने को मिली है. बौद्ध धर्म नेपाल का दूसरा सबसे बड़ा धर्म है. मुस्लिम आबादी में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है. ईसाई समुदाय की उपस्थिति भी पहले की तुलना में बढ़ी है.

जन्म दर में गिरावट, चिंता की वजह?

Macrotrends की रिपोर्ट के मुताबिक, नेपाल की प्रजनन दर (Fertility Rate) में पिछले कुछ वर्षों में लगातार गिरावट देखी गई है:

  • 2022: 2.00
  • 2023: 1.98
  • 2024: 1.78
  • 2025 (अनुमानित): 1.76

यह दर बांग्लादेश (2.16) से भी कम है. विशेषज्ञ इसे शहरीकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच और परिवार नियोजन के बढ़ते प्रभाव से जोड़ते हैं. यह गिरती हुई जन्म दर आने वाले वर्षों में नेपाल की जनसंख्या वृद्धि दर को स्थिर या नकारात्मक दिशा में ले जा सकती है.

मुस्लिम आबादी में वृद्धि

नेपाल की मुस्लिम आबादी में भी पिछले एक दशक में धीरे-धीरे वृद्धि देखी गई है:

  • 2011 में: कुल जनसंख्या का 4.39%
  • 2021 में: कुल जनसंख्या का 5.09% (लगभग 15 लाख)

यानी 10 साल में 0.69% की बढ़ोतरी. इसके साथ ही, इस्लाम नेपाल का तीसरा सबसे बड़ा धर्म बन चुका है. मुस्लिम समुदाय मुख्यतः तराई क्षेत्रों और शहरी इलाकों में केंद्रित है, जहां शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, और रोज़गार के अवसर अपेक्षाकृत अधिक हैं.

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