देशभर में पेपर लीक के मामलों को लेकर बढ़ते विरोध के बीच केंद्र सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐलान किया है कि अगले हफ्ते संसद में ऐसा बिल लाया जाएगा, जिसमें पेपर लीक करने वालों के खिलाफ और कड़े कानून बनाए जाएंगे. इसके साथ ही सजा और जुर्माने को भी बढ़ाने की तैयारी है.
कैबिनेट में होगी नए कानून पर चर्चा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पेपर लीक को रोकने के लिए तैयार किए गए नए बिल के मसौदे पर केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा होगी. इसके बाद इसे अंतिम रूप देकर संसद में पेश किया जाएगा.
सरकार का कहना है कि छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ अब पहले से ज्यादा सख्त कार्रवाई की जाएगी.
बढ़ सकती है सजा और जुर्माना
सूत्रों के मुताबिक, सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 में कई बदलाव किए जा सकते हैं.
फिलहाल व्यक्तिगत मामलों में 3 से 5 साल तक की जेल और 10 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है. वहीं सर्विस प्रोवाइडर पर 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है.
अगर मामला संगठित अपराध का हो, तो 5 से 10 साल तक की सजा और कम से कम 1 करोड़ रुपये जुर्माने का प्रावधान है. नए संशोधन के बाद इन सजा और जुर्माने को और बढ़ाया जा सकता है.
फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की तैयारी
सरकार पेपर लीक से जुड़े मामलों की जल्दी सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की भी तैयारी कर रही है.
इन अदालतों को ज्यादा अधिकार दिए जा सकते हैं, ताकि ऐसे मामलों का जल्द फैसला हो और दोषियों को जल्दी सजा मिल सके.
संसद में लाया जाएगा नया बिल
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि संसद के मौजूदा सत्र में पेपर लीक के खिलाफ सख्त प्रावधानों वाला नया बिल पेश किया जाएगा. सरकार कोशिश करेगी कि इसे जल्द से जल्द पास कराया जाए.
उन्होंने कहा कि पेपर लीक कोई छोटी समस्या नहीं है. इससे लाखों छात्रों और उनके परिवारों को परेशानी होती है. इसलिए सरकार इस मुद्दे को पूरी गंभीरता से देख रही है.
दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई
प्रधानमंत्री ने कहा कि पेपर लीक से जुड़े कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और वे जेल में हैं.
More strict actions against paper leaks to come in tomorrow’s Cabinet! pic.twitter.com/NRysBukk5U
— Narendra Modi (@narendramodi) July 23, 2026
उन्होंने कहा कि सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी यह थी कि छात्रों का एक साल खराब न हो. इसी वजह से सभी जरूरी इंतजाम करके दोबारा परीक्षा कराई गई, ताकि लाखों छात्र अपना भविष्य बचा सकें.
युवाओं का भविष्य सबसे बड़ी प्राथमिकता
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर भी कहा कि युवाओं का भविष्य सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है.
उन्होंने कहा कि पेपर लीक के मामलों में दोषियों को जल्द सजा दिलाने और मामलों का जल्दी निपटारा करने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने के निर्देश दिए जा चुके हैं.
मैं सोनम जी से आग्रह करता हूँ की वो डॉक्टरों की सलाह के अनुसार अपनी दिनचर्या रखें और जल्द से जल्द अपना पुराना वज़न फिर से प्राप्त करें।
— Narendra Modi (@narendramodi) July 23, 2026
मैं प्रभु से प्रार्थना करता हूँ कि सोनम जी स्वस्थ रहें।@Wangchuk66 @GitanjaliAngmo
सोनम वांगचुक ने खत्म किया अनशन
पेपर लीक के खिलाफ सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पिछले 26 दिनों से भूख हड़ताल पर थे.
सरकार की ओर से कार्रवाई का भरोसा मिलने के बाद उन्होंने अपना अनशन खत्म कर दिया. केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह अस्पताल पहुंचकर उनसे मिले और सरकार की ओर से आश्वासन दिया.
इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर सोनम वांगचुक के अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हुए कहा कि वे डॉक्टरों की सलाह मानें और जल्द पूरी तरह स्वस्थ हों.
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