जय संचय-जन भागीदारी अभियान में मध्य प्रदेश के खंडवा देश भर में प्रथम स्थान पर, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया सम्मानित

National Water Award: नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने खंडवा कलेक्टर ऋषभ गुप्ता और जिला पंचायत सीईओ नागार्जुन गौड़ा को सम्मानित किया. जल शक्ति मंत्रालय की राष्ट्रीय पहल जल संचय-जन भागीदारी (JSJB) के तहत घोषित अवार्ड्स में मध्य प्रदेश के खंडवा (ईस्ट निवाड़) ने पूरे देश में पहला स्थान हासिल किया है.

National Water Award Khandwa Madhya Pradesh Jal Sanchay Jan Bhagidari campaign President Draupadi Murmu
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National Water Award: नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने खंडवा कलेक्टर ऋषभ गुप्ता और जिला पंचायत सीईओ नागार्जुन गौड़ा को सम्मानित किया. जल शक्ति मंत्रालय की राष्ट्रीय पहल जल संचय-जन भागीदारी (JSJB) के तहत घोषित अवार्ड्स में मध्य प्रदेश के खंडवा (ईस्ट निवाड़) ने पूरे देश में पहला स्थान हासिल किया है. मंगलवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कलेक्टर ऋषभ गुप्ता और जिला पंचायत सीईओ नागार्जुन गौड़ा को सम्मानित किया.

JSJB अभियान के तहत देश को पाँच ज़ोन में बाँटा गया था, जिनमें से वेस्टर्न ज़ोन में खंडवा ने 1,29,020 जल संरचनाएँ बनाकर शीर्ष स्थान प्राप्त किया. वहीं नॉर्दर्न ज़ोन में यूपी का मिर्जापुर 35,509 संरचनाएँ बना कर शीर्ष पर रहा, ईस्टर्न ज़ोन में छत्तीसगढ़ का बालोद सबसे आगे रहा. दक्षिणी ज़ोन में तेलंगाना का नालगोंडा (84,827) नॉर्थ-ईस्ट ज़ोन में नॉर्थ त्रिपुरा 11,547 वॉटर बॉडी बना कर विजेता रहे. वहीं ओवरऑल तेलंगाना को बेस्ट पर्फॉर्मिंग स्टेट घोषित किया गया. यह पुरस्कार जल शक्ति अभियान: कैच द रेन के अंतर्गत दिया गया, जिसका उद्देश्य जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और पारंपरिक जलस्रोतों के पुनर्जीवन को बढ़ावा देना है.

JSJB पहल की शुरुआत 6 सितंबर 2024 को सूरत से हुई थी. हर ज़िले को कम से कम 10,000 जल संरचनाएँ बनाने का लक्ष्य मिला था, लेकिन खंडवा प्रशासन ने इसे कई गुना पार करते हुए लगभग 1.3 लाख संरचनाएँ तैयार कीं, जो पूरे भारत में सर्वाधिक हैं. बेहतर प्रदर्शन के लिए केंद्र सरकार ने खंडवा को 2 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की है, जिसे आगे के जल संरक्षण और विकास कार्यों पर खर्च किया जाएगा.

देशभर में JSJB के तहत 10 लाख संरचनाएँ बनाने का लक्ष्य था, लेकिन अभियान के अंत तक विभिन्न राज्यों ने मिलकर 27.6 लाख संरचनाएँ तैयार कीं, जो व्यापक जनभागीदारी और प्रशासनिक समन्वय का परिणाम है. खंडवा की यह उपलब्धि प्रशासन, पंचायतों और स्थानीय समुदाय के संयुक्त प्रयासों का उदाहरण मानी जा रही है, जिसने जिले को राष्ट्रीय स्तर पर सर्वोच्च स्थान दिलाया है.

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